फीफा वर्ल्ड कप : 11वां दिन

स्पेन, मिस्र ने दर्ज की जीत, ईरान ने बेल्जियम
को और काबो वर्डे ने उरुग्वे को ड्रॉ पर रोक दिया

22 जून : फीफा विश्व कप 2026 के 11वें मैच दिवस पर फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच, संघर्ष और बड़े उलटफेरों का भरपूर आनंद देखने को मिला। स्पेन ने शानदार वापसी करते हुए सऊदी अरब को 4-0 से हराकर अपने अभियान को नई गति दी, जबकि बेल्जियम और ईरान के बीच मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिससे दोनों टीमों की मुश्किलें बढ़ गईं। दिन का सबसे बड़ा सरप्राइज काबो वर्डे ने दिया, जिसने दो गोल से पिछड़ने के बावजूद उरुग्वे के खिलाफ 2-2 की बराबरी कर विश्व कप में अपनी शानदार कहानी को आगे बढ़ाया। वहीं ग्रुप जी में मिस्र ने कप्तान मोहम्मद सलाह के नेतृत्व में न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप में लंबे इंतजार के बाद महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। कुल मिलाकर इन मुकाबलों ने विश्व कप के रोमांच को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया और नॉकआउट दौर की तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया।

विश्व कप का 37वां मैच :

स्पेन का दमदार जवाब, सऊदी अरब को 4-0 से रौंदा

स्कोरर :
स्पेन 4-0 सऊदी अरब
लामिन यामाल (10वां मिनट)
मिकेल ओयारज़ाबाल (21वां, 24वां मिनट)
हसन अल-तंबाक्ती (49वां मिनट, आत्मघाती गोल)

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-एच के मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सऊदी अरब को 4-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। काबो वर्डे के खिलाफ पहले मैच में अप्रत्याशित गोलरहित ड्रॉ के बाद लुइस दे ला फुएंते की टीम ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही अपना आक्रामक इरादा दिखा दिया।
अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मैच में स्पेन ने शुरुआती मिनटों से ही गेंद पर कब्जा बनाए रखा और सऊदी अरब को उसके ही हिस्से में सीमित कर दिया। 10वें मिनट में मिकेल ओयारज़ाबाल के सटीक क्रॉस पर युवा स्टार लामिन यामाल ने गोल दागकर स्पेन को बढ़त दिलाई। इसके बाद ओयारज़ाबाल ने 21वें और 24वें मिनट में दो त्वरित गोल करके मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया।
पहले हाफ में ही स्पेन 3-0 से आगे था और ओयारज़ाबाल हैट्रिक के भी करीब पहुंचे, लेकिन एक प्रयास क्रॉसबार से टकरा गया जबकि दूसरा मामूली अंतर से बाहर चला गया।
दूसरे हाफ में भी स्पेन का दबदबा जारी रहा। 49वें मिनट में मार्क कुकुरेया के वॉली शॉट को गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद हसन अल-तंबाक्ती से लगकर अपने ही गोल में चली गई और स्पेन की बढ़त 4-0 हो गई।
इस जीत के साथ स्पेन के चार अंक हो गए हैं और अब उरुग्वे के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच में एक अंक भी उसे अंतिम 32 में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा। वहीं सऊदी अरब को अगले मैच में काबो वर्डे के खिलाफ वापसी करनी होगी।

मुख्य बातें :

स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से हराकर टूर्नामेंट की पहली जीत दर्ज की।
मिकेल ओयारज़ाबाल ने दो गोल और एक असिस्ट के साथ मैच में निर्णायक भूमिका निभाई।
लामिन यामाल विश्व कप इतिहास में गोल करने वाले आठवें सबसे युवा खिलाड़ी बने।
स्पेन के लिए विश्व कप में उनसे कम उम्र में केवल गावी ने 2022 में गोल किया था।
स्पेन ग्रुप-एच में चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया।
मिकेल ओयारज़ाबाल को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

किसने क्या कहा :

लामिन यामाल (स्पेन फॉरवर्ड): ”पहले मैच का परिणाम हमारे स्तर के अनुरूप नहीं था, लेकिन अब हम सही लय में आ गए हैं। विश्व कप में खेलना और शुरुआती मैच में गोल करना मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है। पिछला विश्व कप मैंने कक्षा में बैठकर देखा था, और आज परिवार के सामने गोल करना अविस्मरणीय पल है।”
जॉर्जियोस डोनिस (सऊदी अरब कोच): ”हम अपने पेनाल्टी क्षेत्र के आसपास स्पेन को रोकने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं थे। हमने बहुत गलतियां कीं और जल्दी-जल्दी तीन गोल खाने के बाद टीम का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ। यामाल जैसे खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत कौशल से मैच का रुख बदल देते हैं और उन्होंने यही किया।”

विश्व कप का 38वां मैच :

बेल्जियम को दस खिलाड़ियों के साथ
संघर्ष करना पड़ा, ईरान ने अंक बांटे

स्कोरर : बेल्जियम 0-0 ईरान

ग्रुप-जी के मुकाबले में बेल्जियम और ईरान के बीच खेला गया मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने शानदार रक्षात्मक खेल और गोलकीपिंग का प्रदर्शन किया, जिसके कारण कोई भी टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी।


बेल्जियम ने अधिकांश समय गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलू लुकाकू लंबे अंतराल के बाद शुरुआती एकादश में लौटे, लेकिन उनकी टीम कई अवसरों को गोल में नहीं बदल सकी। शुरुआती चरण में यूरी टिलेमांस का जोरदार शॉट ईरानी गोलकीपर अलीरेज़ा बेइरानवंद ने शानदार ढंग से रोक लिया।
ईरान ने रक्षात्मक अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन किया और जवाबी हमलों से खतरा पैदा किया। पहले हाफ में हुसैन कनानी के प्रयास को थिबाउ कूर्तुआ ने शानदार बचाव से रोका। इसके बाद एहसान हाजीसाफी और मेहदी तारेमी की शानदार फ्री-किक मूव से ईरान ने गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन तारेमी ऑफसाइड पाए गए और गोल रद्द कर दिया गया।
दूसरे हाफ में अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय मैच में उतरे अलीरेज़ा जहानबख्श ने टीम को नई ऊर्जा दी। मेहदी तारेमी के शक्तिशाली वॉली शॉट को भी कूर्तुआ ने शानदार बचाव से रोक दिया। दूसरी ओर बेइरानवंद ने मैक्सिम डी क्यूपर के लगातार दो प्रयास विफल कर बेल्जियम को बढ़त लेने से रोके रखा।
मैच का निर्णायक मोड़ 66वें मिनट में आया जब बेल्जियम के डिफेंडर नाथन नगोय ने तारेमी को रोकने के प्रयास में फाउल किया और उन्हें सीधा लाल कार्ड दिखाया गया। इसके बाद बेल्जियम दस खिलाड़ियों के साथ खेलता रहा, लेकिन ईरान अतिरिक्त खिलाड़ी का फायदा नहीं उठा सका।
दोनों टीमों के अब दो-दो मैचों में दो-दो अंक हैं और ग्रुप-जी में नॉकआउट चरण की दौड़ पूरी तरह खुली हुई है।

मुख्य बातें :

बेल्जियम और ईरान के बीच मुकाबला 0-0 से बराबरी पर समाप्त।
ईरान के गोलकीपर अलीरेज़ा बेइरानवंद को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
बेल्जियम के नाथन नगोय को 66वें मिनट में लाल कार्ड मिला।
थिबाउ कूर्तुआ ने विश्व कप में बेल्जियम के लिए 17वां मैच खेलकर एंजो शिफो के रिकॉर्ड की बराबरी की।
दोनों टीमों के दो मैचों में दो-दो अंक हैं।
ईरान का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया।

किसने क्या कहा :

रूडी गार्सिया (बेल्जियम कोच): ”हम आक्रमण में प्रभावी नहीं रहे। गेंद पर हमारा नियंत्रण था, लेकिन हम विपक्षी गोलकीपर की पर्याप्त परीक्षा नहीं ले सके। दस खिलाड़ियों के साथ खेलना भी मुश्किल साबित हुआ।”
रोमेलू लुकाकू (बेल्जियम): ”हमने काफी मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं कर सके। यह निराशाजनक है। महत्वपूर्ण क्षणों में हम जरूरत से ज्यादा भावुक होकर खेलते हैं।”


अमीर घालेनोई (ईरान कोच): ”यह बेहद रोमांचक मुकाबला था। दोनों टीमें जीत की हकदार थीं। मैं अपने सभी खिलाड़ियों, खासकर अली बेइरानवंद का धन्यवाद करता हूं।”
अलीरेज़ा बेइरानवंद (ईरान गोलकीपर): ”बेल्जियम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। उन्होंने हम पर काफी दबाव बनाया, लेकिन हमारे खिलाड़ियों ने दिल से खेला। थोड़ी और एकाग्रता होती तो हम यह मैच जीत भी सकते थे।”

विश्व कप का 39वां मैच :

काबो वर्डे की परीकथा जारी, उरुग्वे
को रोका; फिर किया बड़ा उलटफेर

स्कोरर :
उरुग्वे 2-2 काबो वर्डे
उरुग्वे: मैक्सी अराउजो (44′), अगुस्टिन कैनोब्बियो (45+6′)
काबो वर्डे: केविन पीना (21′), हेलियो वरेला (61′)

ग्रुप एच में काबो वर्डे ने अपनी शानदार अभियान को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अफ्रीकी टीम ने एक बार फिर अपनी जुझारू भावना का प्रदर्शन करते हुए विश्व फुटबॉल की बड़ी ताकत के खिलाफ महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।
मैच की शुरुआत में काबो वर्डे ने सभी को चौंका दिया। 21वें मिनट में टेल्मो अरकांजो द्वारा हासिल किए गए फ्री-किक अवसर को केविन पीना ने लगभग 34 गज की दूरी से शानदार तरीके से गोल में बदल दिया। गेंद दीवार के बीच से निकलकर निचले कोने में जा समाई और काबो वर्डे 1-0 से आगे हो गया।
हालांकि उरुग्वे ने पहले हाफ के अंत में जबरदस्त वापसी की। 44वें मिनट में रोड्रिगो बेंटांकुर का हेडर पोस्ट से टकराकर वापस आया, जिस पर मैक्सी अराउजो ने हेड लगाकर बराबरी का गोल दाग दिया। इसके बाद इंजुरी टाइम में अराउजो के नॉकडाउन पर अगुस्टिन कैनोब्बियो ने बेहतरीन फिनिश करते हुए उरुग्वे को 2-1 की बढ़त दिला दी।


दूसरे हाफ में काबो वर्डे ने हार नहीं मानी। 61वें मिनट में उरुग्वे की रक्षापंक्ति की गलती का फायदा उठाते हुए हेलियो वरेला ने गेंद को जाल में पहुंचाकर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद उरुग्वे ने लगातार दबाव बनाया, लेकिन पिको लोपेस और सिडनी लोपेस काब्राल के नेतृत्व में काबो वर्डे की रक्षा पंक्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोई और गोल नहीं होने दिया।
इस परिणाम के बाद ग्रुप एच में स्पेन चार अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि उरुग्वे और काबो वर्डे दोनों के दो-दो अंक हैं।

मुख्य बातें :

काबो वर्डे ने विश्व कप में लगातार दूसरा ड्रॉ खेला; इससे पहले उसने स्पेन को भी रोका था।
केविन पीना को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
विश्व कप इतिहास में पहली बार दोनों टीमों के 40 वर्ष से अधिक उम्र के गोलकीपर शुरुआती एकादश में उतरे। उरुग्वे के फर्नांडो मुस्लेरा और काबो वर्डे के वोजिन्हा ने यह रिकॉर्ड बनाया।
उरुग्वे ने पहले हाफ में पिछड़ने के बाद बढ़त बनाई, लेकिन उसे बरकरार नहीं रख सका।
काबो वर्डे अभी तक टूर्नामेंट में अपराजित है और नॉकआउट चरण की दौड़ में बना हुआ है।

किसने क्या कहा :

हेलियो वरेला (काबो वर्डे खिलाड़ी): ”मैंने इसका सपना देखा था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि यह इस तरह सच होगा। विश्व कप में अपने पहले मैच में राष्ट्रीय टीम के लिए पहला गोल करना अविश्वसनीय है। मेरे पास शब्द नहीं हैं।”
बुबिस्ता (काबो वर्डे मुख्य कोच): ”मैं टीम और हमारे लोगों को बधाई देना चाहता हूं। खिलाड़ियों ने दिल से खेला। कई खिलाड़ी ऐंठन से जूझ रहे थे, फिर भी हमने अंत तक जीत की कोशिश की। इस प्रदर्शन पर हमें गर्व है।”
मार्सेलो बिएल्सा (उरुग्वे मुख्य कोच): ”जब हमने अच्छी तरह बचाव किया तो मैच हमारे नियंत्रण में था, लेकिन जैसे ही हमारी तीव्रता कम हुई, हमने बढ़त खो दी। यही परिणाम का निर्णायक कारण बना।”

विश्व कप का 40वां मैच :

सलाह के नेतृत्व में मिस्र ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड
को 3-1 से हराकर दर्ज की पहली विश्व कप जीत

स्कोरर :
न्यूजीलैंड: फिन सर्मन (15′) मिस्र: मुस्तफा ज़िको (58′), मोहम्मद सलाह (67′), त्रेजेगे (82′)

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप जी के मुकाबले में मिस्र ने शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप इतिहास की अपनी पहली जीत दर्ज की। विश्व कप में पदार्पण के 92 वर्ष और 25 दिन बाद मिली इस जीत ने मिस्र के फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले की शुरुआत न्यूजीलैंड ने आक्रामक अंदाज में की। सरप्रीत सिंह और इलायजा जस्ट ने शुरुआती मिनटों में मिस्र के गोल पर दबाव बनाया। इसका फायदा 15वें मिनट में मिला जब फिन सर्मन ने कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर न्यूजीलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में मोहम्मद सलाह और इमाम आशूर ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन न्यूजीलैंड के गोलकीपर मैक्स क्रोकॉम्ब ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी सलाह का प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सका।
हालांकि, 58वें मिनट में मुस्तफा ज़िको ने बिना किसी दबाव के शानदार हेडर लगाकर मिस्र को बराबरी दिला दी। इसके बाद मिस्र का आत्मविश्वास बढ़ गया और 67वें मिनट में कप्तान मोहम्मद सलाह ने बेहतरीन टीम मूव का फायदा उठाते हुए सटीक लो शॉट से गोल दागकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी।
न्यूजीलैंड वापसी की कोशिश करता रहा, लेकिन मिस्र की रक्षा पंक्ति मजबूती से खड़ी रही। 82वें मिनट में त्रेजेगे ने तीसरा गोल कर मुकाबले पर पूरी तरह मुहर लगा दी। अंतिम सीटी बजते ही मिस्र के खिलाड़ियों और समर्थकों ने ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
इस जीत के साथ मिस्र के चार अंक हो गए और वह ग्रुप जी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया, जबकि न्यूजीलैंड एक अंक के साथ अंतिम स्थान पर खिसक गया।

मुख्य बातें :

मिस्र ने फीफा विश्व कप इतिहास की पहली जीत दर्ज की।
कप्तान मोहम्मद सलाह ने विजयी गोल दागा और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
मुस्तफा ज़िको और त्रेजेगे ने भी गोल कर मिस्र की जीत सुनिश्चित की।
न्यूजीलैंड ने फिन सर्मन के गोल से बढ़त बनाई थी, लेकिन उसे कायम नहीं रख सका।
ग्रुप जी में मिस्र चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया।
यह पहली बार था जब मिस्र किसी विश्व कप मैच में हाफ टाइम तक पीछे रहने के बाद जीत हासिल करने में सफल रहा।

किसने क्या कहा :

मोहम्मद सलाह (मिस्र के कप्तान): ”यह अविश्वसनीय है। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। यह खिलाड़ियों और पूरे सहयोगी स्टाफ के लिए बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि हम इसी तरह आगे बढ़ेंगे, इतिहास रचेंगे और अगले दौर के लिए क्वालीफाई करेंगे। आने वाले वर्षों में इसे मिस्र फुटबॉल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।”
डैरेन बेज़ली (न्यूजीलैंड के मुख्य कोच): ”यह निराशाजनक है। पहले हाफ में हमने खेल पर पूरा नियंत्रण रखा और कई मौके बनाए। लेकिन दूसरे हाफ में मिस्र ने खेल की गति बढ़ा दी और हम उसका जवाब नहीं दे सके। यही हमारे लिए नुकसानदेह साबित हुआ। अब हमारे सामने बेल्जियम के खिलाफ जीत हासिल करने की चुनौती है।”

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