फीफा वर्ल्ड कप : 19 वां दिन

मोरक्को और पराग्वे ने पेनाल्टी शूटआउट में किया उलटफेर, ब्राज़ील भी अंतिम-16 में, जापान ने दिल जीता

30 जून : फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 का दूसरा दिन रोमांच, नाटकीय मुकाबलों और पेनाल्टी शूटआउट के नाम रहा। मोरक्को और पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः नीदरलैंड्स और जर्मनी को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, जबकि ब्राज़ील ने वापसी करते हुए जापान को 2-1 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली।
जर्मनी का विश्व कप इतिहास में पेनाल्टी शूटआउट का अजेय रिकॉर्ड आखिरकार टूट गया। पराग्वे ने लंबे और तनावपूर्ण शूटआउट में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। गोलकीपर ऑरलांडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई और पराग्वे को अगले दौर का टिकट दिलाया।

विश्व कप का 74वां मैच :

मार्टिनेली के आखिरी मिनट के गोल से ब्राज़ील ने जापान को 2-1 से हराया, प्री-क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

स्कोरर : ब्राज़ील 2-1 जापान
ब्राज़ील : कासेमिरो (56′), गेब्रियल मार्टिनेली (90+5′) जापान: काइशू सानो (29′)

ह्यूस्टन में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में ब्राज़ील ने अंतिम क्षणों में गेब्रियल मार्टिनेली के गोल की बदौलत जापान को 2-1 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब ब्राज़ील का सामना अंतिम-16 में आईवरी कोस्ट और नॉर्वे के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा।
मुकाबले की शुरुआत में जापान ने शानदार खेल दिखाया और 29वें मिनट में काइशू सानो ने ब्राज़ील की रक्षापंक्ति की गलती का पूरा फायदा उठाते हुए तेज़ दौड़ लगाई और दाएं पैर से शानदार गोल दागकर अपनी टीम के लिए पहला गोल किया। इस बढ़त के साथ जापान ने पहले हाफ का समापन किया।


दूसरे हाफ में ब्राज़ील ने आक्रामक रुख अपनाया। 56वें मिनट में गेब्रियल मागालाएस के सटीक क्रॉस पर कासेमिरो ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद विनीसियस जूनियर के पास बढ़त दिलाने का बेहतरीन मौका था, लेकिन उनका प्रयास गोलपोस्ट से टकरा गया, जबकि जापानी गोलकीपर ज़ायोन सुज़ुकी ने भी कई शानदार बचाव किए।
मैच अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन इंजुरी टाइम के पांचवें मिनट में ब्रूनो गिमाराएस ने सटीक पास देकर गेब्रियल मार्टिनेली को मौका बनाया। मार्टिनेली ने गोलकीपर को छकाते हुए गेंद जाल में पहुंचा दी और ब्राज़ील को रोमांचक जीत दिला दी।
इस जीत के साथ ब्राज़ील का रिकॉर्ड छठा विश्व कप खिताब जीतने का सपना बरकरार है, जबकि जापान का पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज करने का इंतजार अभी भी जारी रहेगा।
दूसरी ओर कुछ हार ऐसी होती हैं जो आँखों में आँसू छोड़ जाती हैं, लेकिन दुनिया के दिलों में सम्मान की अमिट छाप भी छोड़ जाती हैं। फीफा विश्व कप 2026 में ब्राज़ील के खिलाफ जापान की विदाई ऐसी ही कहानी बन गई।
अंतिम सीटी बजते ही जापानी खिलाड़ियों की आँखें नम थीं। आओ तनाका घुटनों के बल बैठ गए, कई खिलाड़ी अपने आँसू नहीं रोक सके। इतिहास रचने का सपना टूट चुका था, लेकिन उस टूटे हुए पल में भी जापान ने दुनिया को जीतने का तरीका दिखाया।
हार के बावजूद किसी ने बहाने नहीं बनाए। खिलाड़ी शांत भाव से उठे, पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया और सिर झुकाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया। जवाब में दर्शक भी खड़े हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला बढ़ाया। मैदान पर उनका अनुशासन, विनम्रता और खेल भावना बता गई कि सम्मान सिर्फ़ जीतने वालों का नहीं होता, बल्कि उन योद्धाओं का भी होता है जो हार के बाद भी गरिमा के साथ मुस्कुराकर दुनिया का अभिवादन करते हैं।

मुख्य बातें :

गेब्रियल मार्टिनेली ने इंजुरी टाइम (90+5′) में विजयी गोल दागा।
कासेमिरो ने दूसरे हाफ में बराबरी का गोल कर ब्राज़ील की वापसी कराई।
काइशू सानो ने जापान के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया।
ब्राज़ील अब अंतिम-16 में आइवोरी कोस्ट और नॉर्वे के विजेता से भिड़ेगा।
मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मिशेलोब अल्ट्रा सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच) कासेमिरो चुने गए।
गेब्रियल मार्टिनेली का यह अंतरराष्ट्रीय करियर का पांचवां और अमेरिका में तीसरा गोल रहा।

किसने क्या कहा :

गेब्रियल मार्टिनेली (ब्राज़ील): “मेरे दिल की खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। पोस्ट से गेंद टकराने के बाद मुझे विश्वास था कि एक और मौका मिलेगा। मैं सिर्फ खुश हूं कि टीम की जीत में योगदान दे सका।”
कार्लो आंचेलोटी (ब्राज़ील के मुख्य कोच): “हमने धैर्य नहीं खोया। जापान बेहद संगठित और कठिन प्रतिद्वंद्वी है। टीम अच्छा खेल रही थी, इसलिए मैंने संरचना नहीं बदली।”
कासेमिरो (ब्राज़ील): “हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी मानसिकता थी। बेंच से आने वाले खिलाड़ियों ने शानदार योगदान दिया। यही जज़्बा हमें विश्व कप जिताने की क्षमता रखता है।”
हाजिमे मोरियासु (जापान के मुख्य कोच): “टूर्नामेंट से इस तरह बाहर होना बेहद निराशाजनक है। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने अपना सब कुछ झोंक दिया। अब इस अनुभव से सीखकर और मजबूत बनना होगा।”
जुन्या इतो (जापान): “पहले हाफ में हम अच्छी स्थिति में थे, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत से ही ब्राज़ील ने दबाव बना दिया। बराबरी के गोल के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।”

विश्व कप का 75वां मैच :

पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे का ऐतिहासिक कमाल, चार बार की चैंपियन जर्मनी विश्व कप से बाहर

स्कोरर : जर्मनी 1-1 पराग्वे (पेनल्टी शूटआउट : पराग्वे 4-3 से विजेता)
जर्मनी: काई हावर्ट्ज़ (54वां मिनट)
पराग्वे: जूलियो एनसिसो (42वां मिनट)

राउंड ऑफ 32 में पराग्वे ने शानदार जुझारूपन का प्रदर्शन करते हुए चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर इतिहास रच दिया। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त समय के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने संयम बनाए रखा और अंतिम-16 में जगह पक्की कर ली।
मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने गेंद पर अपना दबदबा बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। लेरॉय साने, फ्लोरियन विर्ट्ज़ और काई हावर्ट्ज़ ने कई बार पराग्वे की रक्षा पंक्ति को भेदने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर ऑरलैंडो गिल और उनके रक्षकों ने बेहतरीन बचाव करते हुए हर प्रयास को विफल कर दिया।
पहले हाफ के अंतिम चरण में पराग्वे को मिले एक कॉर्नर ने मैच का रुख बदल दिया। मैनुअल नोयर ने शुरुआती गेंद को मुक्का मारकर दूर किया, लेकिन पराग्वे ने दोबारा हमला बनाया। माटियास गालार्सा के शानदार क्रॉस पर जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर लगाकर 42वें मिनट में टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।


दूसरे हाफ में जर्मनी ने आक्रामक शुरुआत की और 54वें मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज़ के सटीक क्रॉस पर काई हावर्ट्ज़ ने हेडर से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद जर्मनी ने लगातार विजयी गोल की तलाश की, जबकि पराग्वे पूरी मजबूती से रक्षात्मक खेल दिखाते हुए जवाबी हमलों के मौके तलाशता रहा।
जर्मनी को अतिरिक्त समय में लगा कि जोनाथन ताह ने निर्णायक गोल कर दिया है, लेकिन ऑरलैंडो गिल पर वाल्डेमार एंटोन के फाउल के कारण यह गोल रद्द कर दिया गया। इसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा।
शूटआउट में जर्मनी की शुरुआत ही खराब रही, जब ऑरलैंडो गिल ने काई हावर्ट्ज़ की पहली पेनल्टी रोक दी। दोनों टीमों के बीच उतार-चढ़ाव भरे शूटआउट के बाद जोसे कानालेस ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर पराग्वे को 4-3 से यादगार जीत दिला दी।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ पराग्वे अब अंतिम-16 में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेगा।

मुख्य बातें :

पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया।
जूलियो एनसिसो ने 42वें मिनट में पराग्वे को बढ़त दिलाई, जबकि काई हावर्ट्ज़ ने बराबरी का गोल किया।
गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने पेनल्टी शूटआउट में दो अहम बचाव कर जीत के नायक बने।
विश्व कप के नॉकआउट चरण में यह पराग्वे का पहला गोल भी रहा।
ऑरलैंडो गिल को ‘सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

किसने क्या कहा :

पराग्वे के कप्तान गुस्तावो गोमेज़: ”इस भावना को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मुझे अपनी टीम और पूरे समूह पर गर्व है। हमने हर मुश्किल का सामना एकजुट होकर किया और जर्मनी को हमें हराने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी।”
पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल: ”यह अविश्वसनीय एहसास है। हमने कड़ी लड़ाई लड़ी और दो पेनल्टी बचाने में सफल रहा। विश्व चैंपियन को हराना हमारे लिए गर्व की बात है। यह जीत पूरे पराग्वे को समर्पित है।”
जर्मनी के मुख्य कोच यूलियन नागेल्समान: ”ड्रेसिंग रूम में बेहद निराशा है। हमने खेल की गति बहुत धीमी रखी और मुकाबले का फैसला पेनल्टी तक पहुंचने से पहले नहीं कर सके।”


जर्मनी के स्ट्राइकर काई हावर्ट्ज़: ”मेरे पास शब्द नहीं हैं। यह मेरा दूसरा विश्व कप है और दोनों बार निराशा हाथ लगी। अब हमें खिलाड़ियों के रूप में अपने प्रदर्शन का गंभीरता से विश्लेषण करना होगा।”

विश्व कप का 76वां मैच :

पेनाल्टी शूटआउट में मोरक्को ने नीदरलैंड्स को
किया बाहर, अंतिम-16 में कनाडा से होगी भिड़ंत

स्कोरर :
नीदरलैंड्स 1-1 मोरक्को (पेनाल्टी शूटआउट: 2-3)
नीदरलैंड्स: कोडी गाक्पो (72′)
मोरक्को: इस्सा दियोप (90+1′)

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में मोरक्को ने जबरदस्त जुझारूपन का परिचय देते हुए नीदरलैंड्स को पेनाल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। निर्धारित समय 1-1 की और फिर अतिरिक्त समय में इसी स्कोर की बराबरी पर समाप्त होने के बाद मुकाबले का फैसला शूटआउट में हुआ, जहां गोलकीपर यासीन बुनू ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।
मोंटेरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही नीदरलैंड्स ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन पहला बड़ा मौका मोरक्को को मिला। अशरफ हकीमी के कॉर्नर पर नील एल आयनाउई के हेडर को गोलकीपर बार्ट फेरब्रुगेन ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में भी हकीमी के बेहतरीन क्रॉस पर इस्माइल साइबारी गोल नहीं कर सके।
दूसरे हाफ में भी हकीमी लगातार नीदरलैंड्स की रक्षा पंक्ति के लिए खतरा बने रहे। एक बार उनका जोरदार प्रयास गोलपोस्ट से टकरा गया, जबकि दूसरे मौके पर मिकी वान डे वेन ने शानदार रिकवरी करते हुए गोल बचा लिया।
इसके बाद नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमान ने ट्यून कूपमाइनर्स और वाउट वेघोर्स्ट को मैदान पर उतारा। इन बदलावों का असर तुरंत दिखा। वेघोर्स्ट ने हवाई चुनौती जीतकर क्रिसेंसियो समरविल को गेंद दी, जिन्होंने कोडी गाक्पो को शानदार पास दिया। गाक्पो ने 72वें मिनट में गोलकीपर यासीन बुनू को छकाते हुए बेहतरीन फिनिश से अपनी टीम को बढ़त दिलाई।
हालांकि मोरक्को ने हार नहीं मानी। मैच के इंजुरी टाइम (90+1) में स्थानापन्न खिलाड़ी इस्सा दियोप ने शेम्सदीन तालबी के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया और मुकाबले को अतिरिक्त समय में पहुंचा दिया।
अतिरिक्त समय में बार्ट फेरब्रुगेन ने सूफियान रहीमी का करीबी दूरी से शानदार बचाव किया, लेकिन पेनाल्टी शूटआउट में बाजी मोरक्को के हाथ लगी। दोनों टीमों ने शुरुआती प्रयासों में चूक की, लेकिन यासीन बुनू ने क्रिसेंसियो समरविल की पेनाल्टी रोककर मैच का रुख बदल दिया। अंत में इस्माइल साइबारी ने निर्णायक पेनाल्टी गोल में बदलकर मोरक्को को अंतिम-16 का टिकट दिला दिया, जहां उसका सामना 4 जुलाई को ह्यूस्टन में सह-मेजबान कनाडा से होगा।

मुख्य बातें :
मोरक्को ने पेनाल्टी शूटआउट में नीदरलैंड्स को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया।
कोडी गाक्पो ने 72वें मिनट में नीदरलैंड्स को बढ़त दिलाई।
इस्सा दियोप ने 90+1 मिनट में बराबरी का गोल कर मोरक्को की वापसी कराई।
गोलकीपर यासीन बुनू ने शूटआउट में निर्णायक बचाव कर जीत के नायक बने।
इस्माइल साइबारी ने विजयी पेनाल्टी दागी।
श्रेष्ठ खिलाड़ी (सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच): इस्सा दियोप (मोरक्को)।
विश्व कप में कोडी गाक्पो के अब छह गोल हो गए हैं। उनसे अधिक गोल केवल जॉनी रेप (7) ने नीदरलैंड्स के लिए किए हैं।

किसने क्या कहा :

नुसैर मजराउई (मोरक्को के डिफेंडर): ”यह बेहद कठिन मुकाबला था और हमारे सामने दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक थी। मेरा मानना है कि नीदरलैंड्स विश्व कप जीतने की दावेदार टीमों में शामिल थी। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जिस तरह हमने जीत हासिल की, वह हमारी राष्ट्रीय टीम के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि और सम्मान की बात है।”

Reported by – Md Isha Uddin

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