अर्जेंटीना बाल-बाल बचा, मिस्र और
कोलंबिया ने भी अंतिम-16 में बनाई जगह
4 जुलाई : फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में एक और दिन रोमांच, संघर्ष और अप्रत्याशित नतीजों से भरपूर रहा। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही काबो वर्डे के खिलाफ अतिरिक्त समय तक कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा, जबकि मिस्र ने पेनाल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया। दूसरी ओर, कोलंबिया ने घाना पर शुरुआती बढ़त को अंत तक कायम रखते हुए अंतिम-16 का टिकट हासिल किया। अब अर्जेंटीना की भिड़ंत मिस्र से होगी, जबकि कोलंबिया का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। इस दौरान लियोनेल मेसी ने एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभाते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई और एडिडास गोल्डन बूट की दौड़ में भी बढ़त हासिल कर ली। वहीं विश्व कप में पहली बार खेल रही काबो वर्डे की टीम ने दो बार बराबरी कर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीत लिया, भले ही उसे अतिरिक्त समय में आत्मघाती गोल के कारण हार का सामना करना पड़ा।
विश्व कप का 86वां मैच :
मिस्र ने इतिहास रचा, पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचा
स्कोरर :
ऑस्ट्रेलिया 1-1 मिस्र (पेनल्टी शूटआउट : 2-4)ऑस्ट्रेलिया: मोहम्मद हानी (आत्मघाती गोल, 55वां मिनट)मिस्र: इमाम आशूर (13वां मिनट)
फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में मिस्र ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम-16 में जगह बना ली। अब उसका सामना 7 जुलाई को अटलांटा में अर्जेंटीना से होगा।
डलास स्टेडियम में खेले गए मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज में की। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती मिनटों में क्रिस्टियन वोल्पाटो के दूर से लगाए गए शक्तिशाली शॉट से बढ़त लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद क्रॉसबार से टकरा गई। इस मौके के चूकते ही मिस्र ने मैच पर पकड़ बना ली।

13वें मिनट में एक सेट पीस के दूसरे प्रयास पर करीम हाफेज ने बॉक्स में शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर इमाम आशूर ने हेडर लगाकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिला दी। आशूर का यह विश्व कप में लगातार दूसरा गोल था। इससे पहले वह राष्ट्रीय टीम के लिए कभी गोल नहीं कर पाए थे, लेकिन इस विश्व कप में उन्होंने खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में साबित किया है।
पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन मिस्र की सुदृढ़ रक्षापंक्ति ने उसे कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया। ऑस्ट्रेलिया को तब एक और झटका लगा जब फुल-बैक जॉर्डन बॉस घुटने की चोट के कारण हाफ टाइम पर मैदान छोड़ने को मजबूर हुए।
दूसरे हाफ की शुरुआत में मिस्र के पास बढ़त दोगुनी करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उमर मरमूश अकेले गोलकीपर के सामने गेंद बाहर मार बैठे। इस चूक का फायदा ऑस्ट्रेलिया ने तुरंत उठा लिया। 55वें मिनट में एडेन ओ’नील की फ्री-किक पर मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी और मुकाबला 1-1 से बराबर हो गया। यह टूर्नामेंट में हानी का दूसरा आत्मघाती गोल था।
इसके बाद दोनों टीमों ने जीत का गोल खोजने की भरपूर कोशिश की। मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह के शानदार क्रॉस पर रामी राबिया का दमदार हेडर ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर पैट्रिक बीच ने एक हाथ से शानदार बचाव करते हुए रोक दिया। अतिरिक्त समय में भी सलाह ने हैसम हसन को बेहतरीन पास दिया, लेकिन हैरी साउटर ने शानदार ब्लॉक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को बचा लिया।
पेनल्टी शूटआउट में मिस्र के खिलाड़ियों ने जबरदस्त संयम दिखाया। मोहम्मद सलाह ने दबाव के बीच शानदार ‘पानेन्का’ शैली में पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर और लुकास हैरिंगटन अपनी पेनल्टी नहीं बदल सके। अंत में होसाम अब्देलमगीद ने निर्णायक पेनल्टी गोल में बदलकर मिस्र को 4-2 से ऐतिहासिक जीत दिला दी।
इस जीत के साथ मिस्र ने एक और नया अध्याय जोड़ दिया। ग्रुप चरण में न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप में पहली जीत दर्ज करने वाली टीम ने अब पहली बार नॉकआउट मुकाबला भी जीत लिया। वहीं ऑस्ट्रेलिया का विश्व कप नॉकआउट में हार का सिलसिला जारी रहा। इससे पहले वह 2006 में इटली और 2022 में अर्जेंटीना से हार चुका था और अब 2026 में मिस्र के हाथों बाहर हो गया।
मुकाबले में मिस्र के कप्तान और स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह ने चोट से उबरकर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे मैच में आक्रमण की कमान संभाली और पेनल्टी शूटआउट में भी बेहतरीन गोल किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

मुख्य बातें :
मिस्र ने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की।
पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने चारों किक सफलतापूर्वक गोल में बदली।
मोहम्मद सलाह चोट के बावजूद खेले और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
इमाम आशूर ने विश्व कप का अपना लगातार दूसरा गोल किया।
ऑस्ट्रेलिया विश्व कप इतिहास में अपना तीसरा नॉकआउट मुकाबला भी हार गया।
मिस्र अब अंतिम-16 में अर्जेंटीना से भिड़ेगा।
किसने क्या कहा :
मोहम्मद सलाह (मिस्र):”आज मेरी जिंदगी के सबसे यादगार दिनों में से एक है। अपने देश के लिए इतिहास रचना गर्व की बात है। चोट के बावजूद मैंने खेलने की पूरी कोशिश की क्योंकि देश के लिए यही करना चाहिए। हमने पहली बार ग्रुप चरण पार किया और अब पहली बार नॉकआउट मुकाबला भी जीता है। पूरे मिस्र के लिए यह जश्न मनाने का पल है।”
हैसम हसन (मिस्र):”हमें पता था कि ऑस्ट्रेलिया बेहद मजबूत और शारीरिक रूप से दमदार टीम है। फ्री-किक और कॉर्नर पर उनका खतरा बड़ा था। लेकिन यह जीत अविश्वसनीय है। आज हमने 12 करोड़ से अधिक मिस्रवासियों को खुशी दी है। बचपन में हर खिलाड़ी ऐसे ही पल का सपना देखता है।”
जैक्सन इरविन (ऑस्ट्रेलिया):”पेनल्टी शूटआउट में हारना सबसे दर्दनाक तरीका होता है। खिलाड़ियों ने पूरा संघर्ष किया और मुझे उन सभी पर गर्व है जिन्होंने दबाव में पेनल्टी लेने का साहस दिखाया। हमने मिस्र के बड़े खिलाड़ियों को काफी हद तक रोककर रखा, लेकिन अंत में किस्मत हमारे साथ नहीं रही।”
आवर माबिल (ऑस्ट्रेलिया):”पूरे टूर्नामेंट में हमारी टीम ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उस पर हमें गर्व है। हमने अपने युवा खिलाड़ियों को विश्व मंच पर खुद को साबित करने का शानदार अवसर दिया और उन्होंने उम्मीदों पर खरा उतरकर ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के भविष्य की मजबूत नींव रखी।”

विश्व कप का 87वां मैच :
मेसी के दम पर अर्जेंटीना ने केप वर्डे की चुनौती पार की, अतिरिक्त समय में 3-2 से जीतकर अंतिम-16 में बनाई जगह
स्कोरर :
अर्जेंटीना 3-2 केप वर्डे (अतिरिक्त समय के बाद)
अर्जेंटीना: लियोनेल मेसी (29वें मिनट), लिसांद्रो मार्टिनेज (92वें मिनट), डिने बोर्गेस (111वें मिनट, आत्मघाती गोल)
केप वर्डे: डेरोय डुआर्टे (59वें मिनट), सिडनी लोप्स काब्राल (103वें मिनट)
गत चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 में केप वर्डे की कड़ी चुनौती को अतिरिक्त समय में 3-2 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। मियामी में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दो बार बढ़त गंवाने के बावजूद अर्जेंटीना ने धैर्य बनाए रखा और अंततः जीत अपने नाम कर ली। अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए उसका सामना मिस्र से होगा।
मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। इसका इनाम उसे 29वें मिनट में मिला, जब लिसांद्रो मार्टिनेज के सटीक लंबे पास पर कप्तान लियोनेल मेसी ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को गोलकीपर वोजिन्हा के ऊपर से नेट में पहुंचा दिया। विश्व कप में यह मेसी का 20वां गोल था और इसके साथ ही वह गोल्डन बूट की दौड़ में फिर शीर्ष पर पहुंच गए।
दूसरे हाफ में केप वर्डे ने शानदार वापसी की। 59वें मिनट में डेरोय डुआर्टे ने दाएं छोर से बने हमले को शानदार अंदाज में अंजाम देते हुए ऐसा शॉट लगाया, जो लिसांद्रो मार्टिनेज के पैरों के बीच से निकलकर गोल में समा गया और स्कोर 1-1 हो गया।
बराबरी के बाद मुकाबला और रोमांचक हो गया। अर्जेंटीना ने कई अवसर बनाए, लेकिन केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा ने एक के बाद एक शानदार बचाव किए। उन्होंने मेसी के बेहद करीब से लगाए गए शॉट को भी रोक दिया, जिससे निर्धारित 90 मिनट में कोई और गोल नहीं हो सका और मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंच गया।
अतिरिक्त समय की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए शानदार रही। 92वें मिनट में कॉर्नर से आई ढीली गेंद पर लिसांद्रो मार्टिनेज ने जोरदार शॉट लगाकर टीम को फिर 2-1 की बढ़त दिला दी। हालांकि केप वर्डे ने एक बार फिर हार नहीं मानी। 103वें मिनट में बाएं रक्षक सिडनी लोप्स काब्राल ने पेनल्टी क्षेत्र के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया। उनका यह गोल टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोलों में गिना जाएगा।

जब मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी 111वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर केप वर्डे के डिने बोर्गेस से दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल हो गया। यही गोल निर्णायक साबित हुआ और अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज करते हुए अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया।
यह विश्व कप में लगातार आठवां मैच था, जिसमें मेसी ने गोल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। दूसरी ओर, पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचा केप वर्डे हार के बावजूद अपने जुझारू प्रदर्शन से सभी का दिल जीतने में सफल रहा।
मुख्य बातें :
अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय के बाद केप वर्डे को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई।
अगले दौर में अर्जेंटीना का मुकाबला मिस्र से होगा।
लियोनेल मेसी ने विश्व कप में अपना 20वां गोल किया और लगातार आठवें विश्व कप मैच में गोल करने का नया रिकॉर्ड बनाया।
केप वर्डे ने दो बार बराबरी कर गत चैंपियन को पूरे 120 मिनट तक कड़ी टक्कर दी।
निर्णायक गोल 111वें मिनट में डिने बोर्गेस के आत्मघाती गोल से आया।
केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने कई शानदार बचाव कर मुकाबले को अतिरिक्त समय तक पहुंचाया।
लियोनेल मेसी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
किसने क्या कहा :
लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना के कप्तान):”यह बेहद कठिन मुकाबला था। हमारी टीम कभी हार नहीं मानती। केप वर्डे ने साबित कर दिया कि विश्व कप में कोई भी प्रतिद्वंद्वी आसान नहीं होता। सभी खिलाड़ियों ने अपना सब कुछ झोंक दिया और अंत तक लड़ते रहे।”
लियोनेल स्कालोनी (अर्जेंटीना के मुख्य कोच):”यह बहुत कठिन मैच था, लेकिन हमारी टीम ने अंत तक संघर्ष जारी रखा। सकारात्मक बात यही है कि खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और आखिरकार जीत हासिल की।”
बुबिस्ता (केप वर्डे के मुख्य कोच):”हमने अपने देश का सम्मान बढ़ाया। हमने विश्व चैंपियन के खिलाफ दो बार बराबरी की और मुकाबले को अतिरिक्त समय तक पहुंचाया। हमें अपने खिलाड़ियों और उनकी पहचान पर गर्व है।”

विश्व कप का 88वां मैच :
अजेय कोलंबिया ने घाना को हराकर अंतिम-16 में बनाई जगह, अब स्विट्जरलैंड से होगी टक्कर
स्कोरर :
कोलंबिया 1-0 घाना
गोल: जॉन अरियास (14वां मिनट)
फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में कोलंबिया ने शानदार अनुशासित प्रदर्शन करते हुए घाना को 1-0 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। कैनसस सिटी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जॉन अरियास के पहले हाफ में किए गए गोल ने मैच का फैसला कर दिया। इस जीत के साथ कोलंबिया ने टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान भी बरकरार रखा और लगातार चौथे मैच में हार से बचते हुए खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी।
ग्रुप चरण में पुर्तगाल जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल करने वाली कोलंबियाई टीम ने नॉकआउट मुकाबले में भी आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया। अब उसका सामना 7 जुलाई को वैंकूवर में स्विट्जरलैंड से होगा, जहां दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए भिड़ेंगी।
मैच की शुरुआत में घाना ने आक्रामक अंदाज अपनाया। दूसरे ही मिनट में थॉमस पार्टे ने दूर से जोरदार शॉट लगाया, लेकिन गेंद लक्ष्य से चूक गई। शुरुआती दबाव झेलने के बाद कोलंबिया ने धीरे-धीरे खेल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।
14वें मिनट में कोलंबिया को बढ़त मिली। चोटिल जॉन कॉर्डोबा की जगह खेल रहे लुइस सुआरेज़ दाएं छोर से शानदार दौड़ लगाते हुए पेनाल्टी क्षेत्र में पहुंचे और सटीक पास जॉन अरियास को दिया। अरियास ने बिना समय गंवाए गेंद को निचले कोने में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ के बाकी समय में भी कोलंबिया का दबदबा बना रहा। लुइस डियाज ने बॉक्स के भीतर से सुनहरा मौका गंवाया, जबकि योहान मोजिका के दमदार हेडर को घाना के गोलकीपर लॉरेंस अती-जिगी ने शानदार प्रतिक्रिया दिखाते हुए बचा लिया।
दूसरे हाफ में भी कोलंबिया लगातार हमले करता रहा। 56वें मिनट में लुइस डियाज ने गेंद को जाल में पहुंचा दिया, लेकिन वीडियो समीक्षा में मामूली ऑफसाइड के कारण गोल रद्द कर दिया गया। कुछ ही देर बाद डियाज को एक और आसान मौका मिला, लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया।

हालांकि कोलंबिया दूसरा गोल नहीं कर सका, लेकिन उसकी मजबूत रक्षापंक्ति ने घाना को पूरे मुकाबले में एक भी शॉट लक्ष्य पर लगाने का मौका नहीं दिया। यही वजह रही कि एक गोल की बढ़त अंत तक सुरक्षित रही और कोलंबिया ने आत्मविश्वास के साथ अंतिम-16 का टिकट हासिल कर लिया।
मैच में लुइस डियाज को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए ‘सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
मुख्य बातें :
कोलंबिया ने घाना को 1-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई।
जॉन अरियास ने 14वें मिनट में मैच का एकमात्र गोल किया।
कोलंबिया ने विश्व कप 2026 में लगातार चौथे मैच में अजेय रहने का रिकॉर्ड कायम रखा।
घाना पूरे मैच में लक्ष्य पर एक भी शॉट नहीं लगा सका।
अंतिम-16 में कोलंबिया का सामना 7 जुलाई को स्विट्जरलैंड से होगा।
लुइस डियाज को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
किसने क्या कहा :

कार्लोस क्विरोज़ (घाना के मुख्य कोच):”कुल मिलाकर कोलंबिया ने खेल पर बेहतर नियंत्रण रखा। उनकी पासिंग, मूवमेंट और गेंद पर पकड़ ने हमें काफी परेशान किया। हमने पूरे जज्बे के साथ वापसी की कोशिश की और कुछ मौके भी बनाए, लेकिन अंतिम पास और फिनिशिंग में वह गुणवत्ता नहीं दिखा सके जिसकी इस स्तर के मैच में जरूरत होती है। कुल मिलाकर बेहतर टीम ने जीत हासिल की।”
Reported by – Md Isha Uddin
