फीफा वर्ल्ड कप : दसवां दिन

जापान और कुरासाओ का ऐतिहासिक प्रदर्शन, नीदरलैंड्स और जर्मनी जीते

21 जून : फीफा विश्व कप 2026 के ऐतिहासिक 1000वें मैच की चर्चा जोरों पर रही जिसमें जापान ने जीत दर्ज की।
ग्रुप चरण के चार मुकाबलों में जर्मनी ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर नॉकआउट में जगह बनाई, इक्वाडोर और कुरासाओ 0-0 की बराबरी पर रहे, नीदरलैंड्स ने स्वीडन को 5-1 से रौंदते हुए अपनी ताकत दिखाई, जबकि जापान ने ट्यूनीशिया को 4-0-से हराकर इतिहास रच दिया। इन परिणामों ने कुछ टीमों के लिए अगले दौर का रास्ता साफ किया, वहीं कुछ की विश्व कप यात्रा समाप्त हो गई।

विश्व कप का 33वां मैच :

नीदरलैंड्स का पांच सितारा प्रदर्शन, गाक्पो और ब्रॉबी के डबल से स्वीडन ध्वस्त

स्कोरर: नीदरलैंड्स 5-1 स्वीडन
ब्रायन ब्रॉबी (5′, 17′)
कोडी गाक्पो (47′, 54′)
क्रिसेन्सियो समरविल (89′)
स्वीडन:
एंथनी एलांगा (59′)

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एफ के मुकाबले में नीदरलैंड्स ने शानदार आक्रामक प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 5-1 से करारी शिकस्त दी और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ब्रायन ब्रॉबी और कोडी गाक्पो ने दो-दो गोल दागकर जीत की नींव रखी।
मैच की शुरुआत से ही डच टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। पांचवें मिनट में कोडी गाक्पो के शानदार क्रॉस पर ब्रायन ब्रॉबी ने गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 17वें मिनट में डेंज़ेल डम्फ्रीज़ के निचले क्रॉस को ब्रॉबी ने शानदार तरीके से गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया।
दो गोल से पीछे होने के बावजूद स्वीडन ने वापसी की कोशिश की और लगातार दबाव बनाया। गुस्ताफ लागरबिएल्के ने एक हेडर के जरिए गोल भी किया, लेकिन ऑफसाइड के कारण यह प्रयास मान्य नहीं हो सका। पहले हाफ के अंत तक स्वीडन को वापसी का अवसर तलाशने का मौका नहीं मिला।
दूसरे हाफ की शुरुआत नीदरलैंड्स के लिए और भी शानदार रही। 47वें मिनट में गाक्पो ने नजदीक से गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके केवल सात मिनट बाद उन्होंने बॉक्स के बाहर से अपना ट्रेडमार्क दाहिने पैर का दमदार शॉट लगाकर चौथा गोल दाग दिया।
59वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी एंथनी एलांगा ने तेज जवाबी हमले पर शानदार गोल कर स्वीडन की उम्मीदें थोड़ी देर के लिए जगाईं, लेकिन डच टीम ने कोई ढील नहीं दी। मैच के 89वें मिनट में क्रिसेन्सियो समरविल ने जोरदार शॉट के साथ टीम का पांचवां गोल दागकर जीत पर मुहर लगा दी।
इस जीत के साथ नीदरलैंड्स ग्रुप एफ में चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि स्वीडन तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया।

मुख्य बातें :

ब्रायन ब्रॉबी ने मैच के पहले 17 मिनट में दो गोल दागे।
कोडी गाक्पो ने दो गोल और एक असिस्ट के साथ मैच पर पूरी तरह कब्जा जमाया।
गाक्पो का यह विश्व कप में सात मैचों में पांचवां गोल था।
वह अब विश्व कप में नीदरलैंड्स के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी जॉनी रेप के रिकॉर्ड से सिर्फ दो गोल पीछे हैं।
डेंज़ेल डम्फ्रीज़ ने दो गोलों की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।
क्रिसेन्सियो समरविल ने बतौर विंगर शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम गोल किया।
कोडी गाक्पो को मिशेलोब अल्ट्रा सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

किसने क्या कहा :

ग्राहम पॉटर (स्वीडन के मुख्य कोच): ”कभी-कभी आपको ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ता है। हम एक मजबूत टीम के खिलाफ खेल रहे थे। उन्होंने विंग क्षेत्रों में हमें काफी नुकसान पहुंचाया और हमें इससे सीखने की जरूरत है।”
ब्रायन ब्रॉबी (नीदरलैंड्स स्ट्राइकर): ”सीधे प्रभाव डालना शानदार एहसास है। पूरी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। हम सभी एक-दूसरे के लिए लड़ते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
विक्टर लिंडेलोफ़ (स्वीडन कप्तान): ”नतीजा निराशाजनक है, लेकिन हमने कुछ अच्छी चीजें भी कीं। जिन गोलों को हमने गंवाया वे बहुत आसान थे। इस स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ यदि आप थोड़ी भी जगह छोड़ते हैं तो वे आपको सजा देते हैं, और आज यही हुआ।”

विश्व कप का 34वां मैच :

उंडाव के डबल ने जर्मनी को नॉकआउट में
पहुंचाया, आइवरी कोस्ट का सपना टूटा

स्कोरर :
जर्मनी 2-1 आइवरी कोस्ट
जर्मनी: डेनिज़ उंडाव (68′, 90+4′)
आइवरी कोस्ट : फ्रैंक केसी (30′)

ग्रुप ई के मुकाबले में जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर अंतिम 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। टोरंटो स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में सुपर सब डेनिज़ उंडाव ने दो गोल दागकर जर्मनी को हार के मुहाने से जीत तक पहुंचाया।
मुकाबले की शुरुआत जर्मनी ने आक्रामक अंदाज में की। पहले ही मिनट में काई हैवर्ट्स ने हेडर के जरिए खतरा पैदा किया, जबकि जोशुआ किमिख की सटीक क्रॉस पर भी हैवर्ट्स गोल नहीं कर सके। इसके बाद अलेक्ज़ांडर पावलोविच ने कॉर्नर से गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन फाउल के कारण गोल रद्द कर दिया गया।


जर्मनी के दबाव के बावजूद पहला गोल कोट द’ईवोआर ने किया। 30वें मिनट में यान डियोमांडे ने बाएं छोर से शानदार दौड़ लगाकर गेंद अमाद डियालो तक पहुंचाई। जर्मन रक्षा ने शुरुआती प्रयास तो रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फ्रैंक केसी ने कोई गलती नहीं की और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
दूसरे हाफ में अफ्रीकी टीम ने भी मजबूत प्रदर्शन जारी रखा, जिससे जर्मन कोच यूलियन नागेल्समान को बदलाव करने पड़े। 60वें मिनट में मैदान पर उतारे गए नादीम अमीरी और डेनिज़ उंडाव ने मैच का रुख बदल दिया।
68वें मिनट में अमीरी ने बॉक्स में बेहतरीन क्रॉस डाली, जिस पर उंडाव ने सटीक हेडर लगाकर जर्मनी को बराबरी दिला दी। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह खुल गया और दोनों टीमों ने जीत के लिए जोर लगाया।
आइवरी कोस्ट के पास फिर बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका आया। निकोलस पेपे के शानदार मूव के बाद सिमोन आदिंग्रा बॉक्स में बिल्कुल खाली थे, लेकिन उनका पहला टच खराब रहा और जर्मन डिफेंडरों ने खतरा टाल दिया।
यही चूक अंततः महंगी साबित हुई। इंजरी टाइम के चौथे मिनट में लुकास एनमेचा ने उंडाव को बेहतरीन थ्रू बॉल दी। जर्मन स्ट्राइकर ने शानदार नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया और कोट द’ईवोआर के दिल तोड़ दिए।
इस जीत के साथ जर्मनी ने नॉकआउट चरण में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया, जबकि कोट द’ईवोआर की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

मुख्य बातें :

जर्मनी ने पिछड़ने के बाद 2-1 से जीत दर्ज की।
डेनिज़ उंडाव ने बतौर स्थानापन्न मैदान पर उतरकर दो गोल किए।
नादीम अमीरी ने बराबरी वाले गोल में शानदार असिस्ट दिया।
फ्रैंक केसी ने आइवरी कोस्ट को पहले हाफ में बढ़त दिलाई थी।
जर्मनी ने फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली।
डेनिज़ उंडाव ने जर्मनी के लिए अपने पिछले आठ अंतरराष्ट्रीय मैचों में नौ गोल दागे हैं।
उंडाव को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

किसने क्या कहा :

डेनिज़ उंडाव (जर्मनी): ”जब मैं मैदान पर उतरा तो मेरा लक्ष्य टीम की मदद करना था। दो गोल करके जर्मनी को अगले दौर में पहुंचाना मेरे करियर के सबसे खास पलों में से एक है।”

विश्व कप का 35वां मैच :

एलॉय रूम की दीवार बनी कुरासाओ,
इक्वाडोर को रोककर रचा इतिहास

स्कोरर :
इक्वाडोर 0-0 कुरासाओ

ग्रुप ई के मुकाबले में कुरासाओ ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए इक्वाडोर को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। कैन्सस सिटी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के नायक गोलकीपर एलॉय रूम रहे, जिनके असाधारण प्रदर्शन ने कुरासाओ को विश्व कप इतिहास का पहला अंक दिलाया।


मैच की शुरुआत से ही इक्वाडोर ने आक्रामक तेवर अपनाए और अधिकांश समय गेंद पर कब्जा बनाए रखा। शुरुआती मिनटों में मोइसेस काइसेडो के शानदार पास पर एनर वालेंसिया को सुनहरा मौका मिला, लेकिन एलॉय रूम ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया। यही दृश्य पूरे मुकाबले में बार-बार देखने को मिला।
दूसरी ओर कुरासाओ ने भी जवाबी हमलों से खतरा पैदा किया। लिएंड्रो बाकूना और जुर्गेन लोकाडिया ने तेज दौड़ लगाकर अवसर बनाए, लेकिन वे भी गोल करने में सफल नहीं हो सके।
पहले हाफ से लेकर अंतिम सीटी तक इक्वाडोर लगातार हमले करता रहा। ला त्रिकोलोर ने लहर दर लहर आक्रमण किए, लेकिन एलॉय रूम हर बार चट्टान की तरह सामने खड़े रहे। मैच के अंतिम चरण में एनर वालेंसिया का दमदार हेडर भी रूम ने शानदार तरीके से रोक दिया।
इक्वाडोर ने पूरे मैच में लगभग 30 प्रयास किए और तीन बार गेंद गोलपोस्ट से टकराई, लेकिन क्यूरासाओ की मजबूत रक्षापंक्ति और रूम की गोलकीपिंग के आगे वे बेबस नजर आए। इस ड्रॉ के साथ जर्मनी ने ग्रुप ई में शीर्ष स्थान सुनिश्चित करते हुए अंतिम 32 में जगह बना ली, जबकि आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर और कुरासाओ की टीमें अंतिम मैच दिवस पर नॉकआउट चरण की उम्मीदें लेकर उतरेंगी।

मुख्य बातें :

कुरासाओ ने फीफा विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल किया।
गोलकीपर एलॉय रूम ने कई शानदार बचाव कर मैच के नायक बनने का गौरव पाया।
इक्वाडोर ने लगभग 30 शॉट लगाए लेकिन एक भी गोल नहीं कर सका।
इक्वाडोर की टीम तीन बार गोलपोस्ट से टकराई।कुरासाओ ने फीफा विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल किया।
गोलकीपर एलॉय रूम ने कई शानदार बचाव कर मैच के नायक बनने का गौरव पाया।
इक्वाडोर ने लगभग 30 शॉट लगाए लेकिन एक भी गोल नहीं कर सका।
इक्वाडोर की टीम तीन बार गोलपोस्ट से टकराई।
इस परिणाम से जर्मनी ग्रुप ई का विजेता बनकर अंतिम 32 में पहुंच गया।


कॉनमेबोल और कॉनकाकाफ देशों के बीच विश्व कप इतिहास का यह केवल तीसरा गोलरहित मुकाबला रहा।


इस परिणाम से जर्मनी ग्रुप ई का विजेता बनकर अंतिम 32 में पहुंच गया।
कॉनमेबोल और कॉनकाकाफ देशों के बीच विश्व कप इतिहास का यह केवल तीसरा गोलरहित मुकाबला रहा।

किसने क्या कहा :

एलॉय रूम (कुरासाओ गोलकीपर): ”हम पूरे देश के लिए लड़ते हैं। यह केवल हमारी टीम का नहीं, बल्कि क्यूरासाओ के हर व्यक्ति का परिणाम है। हमें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व है।”

विश्व कप का 36वां मैच :

उएदा के दम पर जापान की ऐतिहासिक
जीत, ट्यूनीशिया विश्व कप से बाहर

स्कोरर :
ट्यूनीशिया 0-4 जापान
दाइची कामादा (4′)
आयासे उएदा (31′, 83′)
जुन्या इतो (69′)

फीफा विश्व कप के इतिहास के 1000वें मुकाबले में जापान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को 4-0 से हराकर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। मॉन्टेरे स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में आयासे उएदा और उनके साथियों ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा।
जापान ने चौथे ही मिनट में बढ़त हासिल कर ली। केइतो नाकामुरा ने बेहतरीन रन बनाते हुए गेंद बॉक्स के भीतर पहुंचाई, जहां दाइची कामादा ने उसे गोल में बदल दिया। यह गोल जापान के विश्व कप इतिहास का सबसे तेज गोल साबित हुआ और टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई।
पहले हाफ के 31वें मिनट में आयासे उएदा ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास से बढ़त दोगुनी कर दी। उन्हें ट्यूनीशिया की रक्षापंक्ति ने काफी जगह दी, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचा दी।
हाल ही में नियुक्त ट्यूनीशिया के नए मुख्य कोच हर्वे रेनार्ड अपनी टीम को वापसी नहीं दिला सके। दूसरे हाफ में जापान ने अपना दबदबा जारी रखा। 69वें मिनट में उएदा ने इस बार गोल करने की बजाय गोल बनाकर दिया और उनके पास पर जुन्या इतो ने तीसरा गोल दाग दिया।
मैच के 83वें मिनट में उएदा ने अपना दूसरा और जापान का चौथा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। इस बड़ी जीत के साथ जापान ग्रुप एफ में नीदरलैंड्स के बराबर चार अंकों पर पहुंच गया, जबकि लगातार दूसरी हार के बाद ट्यूनीशिया टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

मुख्य बातें :

यह फीफा विश्व कप इतिहास का 1000वां मैच था।
जापान ने ट्यूनीशिया को 4-0 से हराकर टूर्नामेंट की सबसे प्रभावशाली जीतों में से एक दर्ज की।
दाइची कामादा का चौथे मिनट का गोल विश्व कप में किसी जापानी खिलाड़ी द्वारा किया गया सबसे तेज गोल बना।
आयासे उएदा ने दो गोल और एक असिस्ट के साथ मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता।
ट्यूनीशिया लगातार दूसरी हार के बाद विश्व कप 2026 से बाहर हो गया।
जापान और नीदरलैंड्स दोनों ग्रुप एफ में चार-चार अंकों के साथ शीर्ष पर हैं।

किसने क्या कहा :

हाजिमे मोरियासु (जापान के मुख्य कोच): ”हमने जिस तरह खेलना चाहा था, उसकी अच्छी तैयारी की थी और टीम ने आक्रामक फुटबॉल खेली। कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को उनकी भूमिकाएं स्पष्ट रूप से समझाई थीं, इसलिए वे अपनी पूरी क्षमता दिखा सके। मॉन्टेरे में बड़ी संख्या में आए जापानी समर्थकों ने राष्ट्रगान में हमारा साथ दिया और पूरे मैच में हमारा उत्साह बढ़ाया। उनका समर्थन हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा था।”

Reported by – Md Isha Uddin

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