रिकॉर्ड दर्शकों के बीच छह टीमों ने नॉकआउट में
बनाई जगह, जर्मनी हार के बावजूद अंतिम 32 में
26 जून : आज फीफा विश्व कप 2026 में रोमांच, इतिहास और बड़े उलटफेरों से भरा दिन देखने को मिला। छह टीमों ने अंतिम 32 में अपनी जगह पक्की करते हुए अपने समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दिया, जबकि कुछ दिग्गज टीमों का सफर यहीं समाप्त हो गया। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब इक्वाडोर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को 2-1 से हराकर नॉकआउट चरण का टिकट हासिल कर लिया। वहीं आइवरी कोस्ट ने कुरासाओ को 2-0 से मात देकर पहली बार विश्व कप के ग्रुप चरण से आगे बढ़ने का ऐतिहासिक कारनामा किया। दूसरी ओर नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया पर 3-1 की आसान जीत दर्ज कर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। जापान ने स्वीडन के साथ 1-1 का ड्रॉ खेलकर लगातार तीसरे विश्व कप में नॉकआउट चरण में जगह बनाई, जबकि स्वीडन भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर अगले दौर में पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया ने पराग्वे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलकर ग्रुप डी से उपविजेता के रूप में क्वालीफाई किया। दिन के अंतिम मुकाबले में तुर्किये ने अमेरिका को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराकर अभियान का शानदार समापन किया। इस दिन एक और बड़ा रिकॉर्ड भी बना, जब न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले के साथ फीफा विश्व कप 2026 की कुल दर्शक संख्या 36,05,357 तक पहुंच गई, जो विश्व कप इतिहास में किसी भी संस्करण की सर्वाधिक कुल उपस्थिति का नया कीर्तिमान है।
विश्व कप का 55वां मैच :
पेपे के दो गोल से आइवरी कोस्ट
पहली बार नॉकआउट में
स्कोरर :
आइवरी कोस्ट : निकोला पेपे (7′, 64′)
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप ई के मुकाबले में आइवरी कोस्ट ने कुरासाओ को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ अफ्रीकी टीम पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंच गई। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में निकोला पेपे ने दोनों गोल दागे, जबकि यान डियोमांडे ने अपने शानदार खेल से लगातार कुरासाओ की रक्षा पंक्ति को परेशान किया।
जर्मनी के खिलाफ पिछले मुकाबले में हार के बाद टीम में किए गए चार बदलावों में शामिल निकोला पेपे ने सातवें मिनट में ही गोल कर आइवरी कोस्ट को बढ़त दिला दी। यान डियोमांडे ने बॉक्स के किनारे से शानदार लो क्रॉस दिया, जिस पर पेपे ने आसान टैप-इन करते हुए टीम के विश्व कप इतिहास का सबसे तेज गोल दर्ज किया।
पहले हाफ में कुरासाओ ने भी वापसी की कोशिश की। ताहित चोंग का शक्तिशाली शॉट बार के ऊपर से निकल गया, जबकि कप्तान लिएंड्रो बाकुना दो रक्षकों को छकाने के बाद भी गोल नहीं कर सके।
दूसरे हाफ में इब्राहिम संगारे के शानदार वन-टू पास पर निकोला पेपे ने 64वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर मैच पूरी तरह आइवरी कोस्ट की झोली में डाल दिया। गोलकीपर एलोय रूम उनके सामने बेबस नजर आए।

इस जीत के साथ आइवरी कोस्ट ने ग्रुप ई में दूसरे स्थान पर रहते हुए छह अंक हासिल किए और नॉकआउट दौर में जगह बनाई। अब उसका सामना 30 जून को डलास में ग्रुप आई की उपविजेता टीम से होगा। दूसरी ओर, विश्व कप में पहली बार खेलने उतरी कुरासाओ की टीम एक अंक के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
मुख्य बातें :
निकोला पेपे ने मैच में दो गोल कर टीम को 2-0 की जीत दिलाई।
आइवरी कोस्ट पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचा।
सातवें मिनट में पेपे का गोल आइवरी कोस्ट के विश्व कप इतिहास का सबसे तेज गोल बना।
यान डियोमांडे और इब्राहिम संगारे ने दोनों गोल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
ग्रुप ई में आइवरी कोस्ट छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और अब 30 जून को डलास में ग्रुप आई की उपविजेता टीम से भिड़ेगा।
किसने क्या कहा :
निकोला पेपे (आइवरी कोस्ट के फारवर्ड):”नॉकआउट चरण में पहुंचना हमारे और पूरे आइवरी कोस्ट के लिए गर्व की बात है। मेरे दोनों गोल टीम की मेहनत का नतीजा हैं। हम एक-एक मैच पर ध्यान देंगे और जितना संभव हो सके, उतनी दूर तक जाने की कोशिश करेंगे।”
एमर्स फे (आइवरी कोस्ट के मुख्य कोच):”हम जानते थे कि यह चुनौती कठिन होगी, लेकिन हमें अपनी क्षमता पर भरोसा था। पूरी टीम इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है। अब हमारा लक्ष्य अगले मुकाबले की तैयारी करना और टूर्नामेंट में आगे बढ़ना है।”
विश्व कप का 56वां मैच :
प्लाटा बने हीरो, इक्वाडोर ने जर्मनी को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह
स्कोरर :
इक्वाडोर 2-1 जर्मनी
जर्मनी : लिरॉय साने (2′)
इक्वाडोर : निल्सन अंगुलो (9′), गोंज़ालो प्लाटा (77′)
ग्रुप ई के अंतिम मुकाबले में इक्वाडोर ने शानदार वापसी करते हुए जर्मनी को 2-1 से हराकर अंतिम-32 (नॉकआउट) में अपनी जगह पक्की कर ली। न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गोंज़ालो प्लाटा ने 77वें मिनट में विजयी गोल दागकर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।
जर्मनी ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और दूसरे ही मिनट में बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्स के शानदार पास पर लिरॉय साने ने बॉक्स के अंदर से सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह जर्मनी का 1934 के बाद विश्व कप में सबसे तेज गोल भी रहा।

हालांकि इक्वाडोर ने हार नहीं मानी। नौवें मिनट में टीम ने विश्व कप 2026 का अपना पहला गोल किया। पाब्लो वीते ने गेंद निल्सन अंगुलो को थमाई, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से दमदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया।
दूसरे हाफ में जर्मनी को पेनाल्टी मिली, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद रेफरी ने फैसला बदल दिया क्योंकि इससे पहले लिरॉय साने द्वारा फाउल किया गया था।
इसके बाद मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंचा। जर्मनी के गोलकीपर मैनुएल नोयर और डिफेंडर योनाथन टा के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठाते हुए इक्वाडोर ने लगातार दबाव बनाया। अंततः 77वें मिनट में केविन रोड्रिगेज ने कॉर्नर पर गेंद को आगे बढ़ाया, जिसे गोंज़ालो प्लाटा ने नोयर से पहले छूते हुए नेट की छत में पहुंचा दिया।
इस जीत के साथ इक्वाडोर चार अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर नॉकआउट दौर में पहुंच गया। वहीं हार के बावजूद बेहतर गोल अंतर के कारण जर्मनी ग्रुप ई में शीर्ष पर रहा।
मुख्य बातें :
इक्वाडोर ने 0-1 से पिछड़ने के बाद 2-1 से शानदार जीत दर्ज की।
गोंज़ालो प्लाटा ने 77वें मिनट में विजयी गोल कर टीम को नॉकआउट में पहुंचाया।
निल्सन अंगुलो ने विश्व कप 2026 में इक्वाडोर का पहला गोल किया और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
जर्मनी हार के बावजूद बेहतर गोल अंतर के कारण ग्रुप ई में पहले स्थान पर रहा।
इक्वाडोर ने अपने इतिहास में दूसरी बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। इससे पहले टीम 2006 विश्व कप में अंतिम-16 तक पहुंची थी।
किसने क्या कहा :
सेबास्टियन बेक्कासेसे (इक्वाडोर के मुख्य कोच):”यह मेरे बारे में नहीं है, यह हमारे लोगों के लिए है। खिलाड़ियों ने देश को यह उपलब्धि दिलाई है। अब सभी इस पल का जश्न मनाएं और इसका आनंद लें।”
गोंज़ालो प्लाटा (इक्वाडोर के फॉरवर्ड):”पहले दो मैचों में हमें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन इस जीत ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अब हम अगले दौर में और अधिक जोश के साथ उतरेंगे। हमारे प्रशंसकों ने हर स्टेडियम को अपना घर बना दिया और यह सफलता सबसे ज्यादा उन्हीं की है।”
योशुआ किमिख (जर्मनी के कप्तान):”हमने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बहुत आसानी से गेंद गंवाई और विरोधी को मैच में वापस आने का मौका दिया। दूसरे हाफ में हमारी हार पूरी तरह जायज़ थी।”
डेनिस उंडाव (जर्मनी के फॉरवर्ड):”इक्वाडोर हमसे ज्यादा आक्रामक और तेज था। हमें इस हार से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करना होगा।”

विश्व कप का 57वां मैच :
जापान और स्वीडन ने संघर्षपूर्ण ड्रॉ के साथ नॉकआउट चरण में बनाई जगह
स्कोरर :
जापान : दाइज़ेन माएदा (56′)
स्वीडन : एंथनी एलांगा (62′)
ग्रुप एफ में जापान और स्वीडन के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस परिणाम ने जापान को ग्रुप उपविजेता के रूप में और स्वीडन को सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली आठ टीमों में शामिल होकर अंतिम-32 (राउंड ऑफ 32) में पहुंचा दिया। वहीं नीदरलैंड्स ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया।
डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जापान को पता था कि ड्रॉ उसे सीधे अगले दौर में पहुंचा देगा, जबकि स्वीडन को दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिए हर हाल में जीत चाहिए थी। जापान ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। दाइज़ेन माएदा का शुरुआती हेडर थोड़ा बाहर चला गया, जबकि युकिनारी सुगावारा और केइतो नाकामुरा ने भी गोल करने के अच्छे अवसर बनाए, लेकिन स्वीडन के गोलकीपर याकॉब जेटरस्ट्रॉम ने शानदार बचाव किए।
दूसरे हाफ के 56वें मिनट में रित्सु दोआन के शानदार थ्रू पास पर दाइज़ेन माएदा ने सटीक फिनिश करते हुए जापान को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि यह बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। 62वें मिनट में एंथनी एलांगा ने लगभग 20 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाकर शानदार गोल दागा और स्वीडन को बराबरी दिला दी।
इसके बाद स्वीडन ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन जापान के गोलकीपर ज़ायोन सुज़ुकी ने अलेक्जेंडर इसाक और एलांगा के प्रयासों को नाकाम कर अपनी टीम को हार से बचा लिया। मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ और दोनों टीमों ने नॉकआउट चरण का टिकट हासिल कर लिया।
अब जापान का सामना राउंड ऑफ 32 में ग्रुप सी की विजेता ब्राज़ील से होगा। इसके साथ ही जापान ने पहली बार विश्व कप के ग्रुप चरण में अपराजित रहने का भी रिकॉर्ड बनाया।

मुख्य बातें :
जापान और स्वीडन के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा।
जापान ग्रुप एफ में पांच अंकों के साथ उपविजेता बनकर नॉकआउट में पहुंचा।
स्वीडन चार अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर अगले दौर में पहुंचा।
दाइज़ेन माएदा और एंथनी एलांगा ने अपनी-अपनी टीमों के लिए गोल किए।
जापान पहली बार विश्व कप के ग्रुप चरण में अपराजित रहा।
राउंड ऑफ 32 में जापान का मुकाबला ब्राज़ील से होगा।
किसने क्या कहा :
एंथनी एलांगा (स्वीडन):”मैं आज जीतना चाहता था, लेकिन अंत में एक अंक भी हमारे लिए काफी साबित हुआ। पूरी टीम पर गर्व है, खासकर गोलकीपर याकॉब जेटरस्ट्रॉम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।”
ज़ायोन सुज़ुकी (जापान):”दूसरे हाफ में बढ़त मिलने के बाद बराबरी का गोल खाकर मैच का रुख बदल गया, लेकिन हमने हार से बचते हुए जरूरी एक अंक हासिल किया। अब ब्राज़ील के खिलाफ अपराजित लय के साथ उतरना हमारे लिए सकारात्मक है।”
आओ तनाका (जापान):”युतो नागातोमो जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम को मैदान के अंदर और बाहर लगातार प्रेरित कर रहे हैं। लेकिन हमारा असली संघर्ष अब नॉकआउट चरण से शुरू होगा।”
दाइज़ेन माएदा (जापान):”नागातोमो की मौजूदगी से पूरी टीम एकजुट रहती है। हम सभी मिलकर इस विश्व कप में कुछ यादगार हासिल करना चाहते हैं।”
विश्व कप का 58वां मैच :
नीदरलैंड ने ट्यूनीशिया को हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया, अब मोरक्को से होगी भिड़ंत

स्कोरर :
ट्यूनीशिया: हाज़ेम मस्तूरी (54′)
नीदरलैंड: एलियेस स्कीरी (3′, आत्मघाती गोल), ब्रायन ब्रॉबी (7′), यान पॉल वान हेके (62′)
कैनसस सिटी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एफ के मुकाबले में नीदरलैंड ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ रोनाल्ड कोमान की टीम ने सात अंकों के साथ पहले स्थान पर रहते हुए अंतिम-32 में जगह बनाई, जहां उसका सामना 29 जून को मॉन्टेरे में मोरक्को से होगा।
नीदरलैंड ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। तीसरे मिनट में डेंज़ेल डम्फ्रीस के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ट्यूनीशिया के कप्तान एलियेस स्कीरी ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी और डच टीम को बढ़त मिल गई। इसके केवल चार मिनट बाद ब्रायन ब्रॉबी ने विर्जिल वान डाइक के हेडर से मिले पास पर करीब से गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी। यह ब्रॉबी का टूर्नामेंट में तीसरा गोल रहा।
ट्यूनीशिया ने शुरुआती मिनटों में बराबरी का मौका बनाया था, लेकिन इस्माइल घरबी आसान अवसर गंवा बैठे। इसके बाद अधिकांश समय टीम दबाव में रही और नीदरलैंड लगातार आक्रमण करता रहा।
दूसरे हाफ में ट्यूनीशिया ने वापसी की उम्मीद जगाई। 54वें मिनट में हन्नीबाल मेजब्री के कॉर्नर पर हाज़ेम मस्तूरी ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 2-1 कर दिया। हालांकि यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। 62वें मिनट में तिजानी रेंडर्स के सटीक क्रॉस पर यान पॉल वान हेके ने हेडर के जरिए नीदरलैंड का तीसरा गोल दागकर मुकाबला लगभग खत्म कर दिया।
नीदरलैंड ने इसके बाद आराम से बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज करते हुए ग्रुप एफ में पहला स्थान हासिल किया। दूसरी ओर, ट्यूनीशिया तीनों मैच हारकर बिना किसी अंक के टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
मुख्य बातें :
नीदरलैंड ने 3-1 से जीतकर ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया।
अंतिम-32 में नीदरलैंड का सामना मोरक्को से होगा।
ब्रायन ब्रॉबी ने टूर्नामेंट का अपना तीसरा गोल किया और मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए।
विश्व कप इतिहास में पहली बार नीदरलैंड ने किसी मैच के शुरुआती सात मिनट के भीतर दो गोल किए।
ट्यूनीशिया पूरे टूर्नामेंट में बिना अंक हासिल किए बाहर हो गया।
किसने क्या कहा :
रोनाल्ड कोमान (नीदरलैंड के मुख्य कोच):”मैं खुश हूं कि हमने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। हालांकि 2-0 की बढ़त के बाद हमने जरूरत से ज्यादा ढील दी। मजबूत टीमों के खिलाफ यह नुकसानदेह हो सकता है। मोरक्को एक आक्रामक टीम है और हमें अगले मुकाबले में अधिक सतर्क रहना होगा।”
हर्वे रेनार (ट्यूनीशिया के मुख्य कोच):”हम इस विश्व कप के स्तर के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। यह बेहद कठिन ग्रुप था और हमारे सामने मजबूत टीमें थीं। मैंने खिलाड़ियों का धन्यवाद किया, लेकिन ऐसी मानसिक स्थिति से उबरना आसान नहीं होता, खासकर जब सामने इतनी मजबूत टीम हो और स्टेडियम पूरी तरह भरा हो।”
विश्व कप का 59वां मैच :
तुर्किये ने रोमांचक मुकाबले में अमेरिका को 3-2 से हराया, जीत के साथ अभियान का किया समापन
स्कोरर :
तुर्किये: अर्दा गुलर (10′), बारिस यिलमाज़ (31′), कान आयहान (90+8′)
अमेरिका: ऑस्टन ट्रस्टी (3′), सेबास्टियन बेरहाल्टर (49′)

ग्रुप डी के अपने अंतिम मुकाबले में तुर्किये ने अमेरिका को 3-2 से हराकर टूर्नामेंट से शानदार अंदाज में विदाई ली। पहले ही नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो चुकी तुर्किये ने लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अंतिम क्षणों तक संघर्ष किया और इंजुरी टाइम के आठवें मिनट में कान आयहान के विजयी गोल की बदौलत तीन अंक हासिल किए।
ग्रुप में शीर्ष स्थान पहले ही सुनिश्चित कर चुके अमेरिका ने अपनी शुरुआती एकादश में नौ बदलाव किए, लेकिन टीम ने तीसरे ही मिनट में बढ़त बना ली। सेबास्टियन बेरहाल्टर के कॉर्नर पर ऑस्टन ट्रस्टी ने शानदार बाएं पैर के शॉट से गोल कर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिलाई।
शुरुआती झटके के बावजूद तुर्किये ने शानदार वापसी की। 10वें मिनट में अर्दा गुलर ने बारिस यिलमाज़ के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए गोल दागा और स्कोर 1-1 कर दिया। इसके साथ ही गुलर विश्व कप में गोल करने वाले तुर्किये के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
31वें मिनट में एरेन एलमाली के शानदार पास पर बारिस यिलमाज़ ने गोल कर तुर्किये को 2-1 की बढ़त दिला दी। हालांकि दूसरे हाफ की शुरुआत में अमेरिका ने फिर बराबरी हासिल कर ली। 49वें मिनट में सेबास्टियन बेरहाल्टर ने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया।
इसके बाद अमेरिका ने अपने प्रमुख खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा और जीत के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन तुर्किये का जवाब भी दमदार रहा। आखिरकार 90+8वें मिनट में कान आयहान ने गोल कर तुर्किये को 3-2 की यादगार जीत दिला दी।
हालांकि इस जीत के बावजूद तुर्किये तीन मैचों में तीन अंकों के साथ ग्रुप में चौथे स्थान पर रहा और नॉकआउट में जगह नहीं बना सका। अमेरिका छह अंकों के साथ ग्रुप डी में शीर्ष पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गया।
मुख्य बातें :
तुर्किये ने अमेरिका को 3-2 से हराकर अभियान का जीत के साथ समापन किया।
अर्दा गुलर विश्व कप में गोल करने वाले तुर्किये के सबसे युवा खिलाड़ी बने।
कान आयहान ने इंजुरी टाइम (90+8′) में विजयी गोल दागा।
अमेरिका ने पहले ही ग्रुप डी में शीर्ष स्थान और नॉकआउट का टिकट सुनिश्चित कर लिया था।
विश्व कप 2026 में अमेरिका ने अब तक आठ गोल किए, जो उसके विश्व कप इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
किसने क्या कहा :
“तुर्किये ने अपने मौकों का शानदार फायदा उठाया। हमारी टीम का आत्मविश्वास बरकरार है और विश्व कप के बाद भी यही जज़्बा देखने को मिलेगा। हमारी 26 खिलाड़ियों की पूरी टीम किसी भी समय जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है।” — वेस्टन मैकेनी, अमेरिका के मिडफील्डर
विश्व कप का 60वां मैच :
ऑस्ट्रेलिया ने ड्रॉ के साथ बनाई नॉकआउट
में जगह, पराग्वे की उम्मीदें अधर में

स्कोरर :
पराग्वे 0-0 ऑस्ट्रेलिया(कोई गोल नहीं)
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप डी के अंतिम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और पराग्वे के बीच खेला गया मुकाबला गोलरहित (0-0) ड्रॉ पर समाप्त हुआ। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के बाद ऑस्ट्रेलिया ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया, जबकि पराग्वे को अब अन्य समूहों के परिणामों का इंतजार करना होगा।
मैच की शुरुआत तेज रफ्तार और शारीरिक संघर्ष के साथ हुई, लेकिन धीरे-धीरे ऑस्ट्रेलिया ने खेल पर पकड़ बना ली। जॉर्डन बॉस, एडेन ओ’नील और क्रिस्टियन वोल्पाटो ने दाहिने फ्लैंक से लगातार हमले किए और पराग्वे की रक्षा पंक्ति को व्यस्त रखा।
तीसरे ही मिनट में जैक्सन इरविन ने जोरदार शॉट लगाया, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ओरलांडो गिल ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को कॉर्नर के लिए बाहर कर दिया। पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने कई अच्छे मूव बनाए, लेकिन नेस्टोरी इरानकुंडा को कोई साफ मौका नहीं मिल सका।
दूसरे हाफ की शुरुआत में पराग्वे के कोच ने अलेक्सांद्रो मैदाना की जगह मॉरिसियो को उतारा, जिससे टीम ने कुछ समय के लिए बेहतर खेल दिखाया। हालांकि मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली और दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं।
मैच के अंतिम क्षणों में जॉर्डन बॉस ने दो रक्षकों को छकाते हुए शानदार शॉट लगाया, लेकिन गेंद दूर के पोस्ट के बाहर निकल गई। यही मुकाबले का सबसे अच्छा मौका साबित हुआ।
इस परिणाम के साथ ऑस्ट्रेलिया ने चार अंकों के साथ ग्रुप डी में दूसरा स्थान हासिल किया और अब 3 जुलाई को डलास में ग्रुप जी की उपविजेता टीम से भिड़ेगा। वहीं पराग्वे के भी चार अंक हैं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर वह तीसरे स्थान पर रहा और अब उसकी नजर अन्य परिणामों पर टिकी रहेगी।
मुख्य बातें :
ऑस्ट्रेलिया ने 0-0 के ड्रॉ के साथ राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई।
पराग्वे चार अंक हासिल करने के बावजूद गोल अंतर के कारण तीसरे स्थान पर रहा।
जैक्सन इरविन और जॉर्डन बॉस ने ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे खतरनाक मौके बनाए।
ओरलांडो गिल ने शुरुआती शानदार बचाव कर पराग्वे को मैच में बनाए रखा।
एडेन ओ’नील को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
यह फीफा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का पिछले 23 मुकाबलों में केवल दूसरा गोलरहित ड्रॉ रहा।
किसने क्या कहा :
गुस्तावो गोमेज (पराग्वे के डिफेंडर):”यह मुकाबला काफी बराबरी और शारीरिक संघर्ष वाला था। पहले हाफ में हम अपनी लय नहीं पकड़ सके, लेकिन दूसरे हाफ में सुधार किया। सबसे अहम बात यह है कि हमने एक अंक हासिल किया और हमें उम्मीद है कि यह हमारे लिए आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त साबित होगा।”
अज्दिन ह्रुस्तिच (ऑस्ट्रेलिया के मिडफील्डर):”मुझे अपनी टीम और कोच पर गर्व है। हमारे पास दो-तीन अच्छे मौके थे जिन पर हम गोल कर सकते थे। अब हम इस उपलब्धि का जश्न मनाएंगे क्योंकि हमने अपने देश और अपने समर्थकों के लिए एक और खास सफलता हासिल की है।”
reported by – Md Isha Uddin
