फीफा वर्ल्ड कप : 13वां दिन

रोनाल्डो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, पुर्तगाल, क्रोएशिया और कोलंबिया जीते, इंग्लैंड का मैच घाना से ड्रॉ

24 जून : फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। 13वें मैच दिवस पर जहां दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कई टीमों ने नॉकआउट दौर की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। सबसे बड़ी चर्चा पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की रही, जिन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करते हुए विश्व कप इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। रोनाल्डो के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पुर्तगाल ने उज़्बेकिस्तान पर 5-0 की प्रभावशाली जीत दर्ज की और अपनी दावेदारी को और मजबूत किया।
दूसरी ओर, कोलंबिया और क्रोएशिया ने महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत हासिल कर अगले दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत किया। कोलंबिया ने दबाव भरे मुकाबले में कांगो को 1-0 से हराते हुए संयम दिखाया, जबकि क्रोएशिया ने अनुभव और जुझारूपन के दम पर पनामा के विरुद्ध 1-0 से जीत अपने नाम की। वहीं इंग्लैंड और घाना के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने शानदार संघर्ष किया और 0-0 के ड्रॉ से अंक साझा किए।

विश्व कप का 45वां मैच :

रोनाल्डो का डबल, पुर्तगाल ने
उज़्बेकिस्तान को 5-0 से रौंदा

स्कोरर :
पुर्तगाल : क्रिस्टियानो रोनाल्डो (6′, 39′), नूनो मेंडेस (17′), नेमातोव (आत्मघाती गोल 60′), राफा लेआओ (87′)

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-के के मुकाबले में पुर्तगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज़्बेकिस्तान को 5-0 से करारी शिकस्त दी। ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अनुभवी स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो गोल दागकर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए और अपनी टीम को टूर्नामेंट की पहली जीत दिलाई।
विश्व कप के अपने छठे संस्करण में खेल रहे 41 वर्षीय रोनाल्डो ने छठे मिनट में जोआओ कैंसिलो के क्रॉस पर शानदार गोल कर पुर्तगाल को बढ़त दिलाई। इस गोल के साथ वह विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा वह विश्व कप इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज़ गोलस्कोरर भी बने।
17वें मिनट में नूनो मेंडेस ने बेहतरीन फ्री-किक पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। रोनाल्डो ने 39वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। यह उनका विश्व कप में 10वां गोल था, जिसके साथ उन्होंने महान यूसेबियो के नौ गोलों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए विश्व कप में पुर्तगाल के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
दूसरे हाफ में उज़्बेकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ गईं। 60वें मिनट में गोलकीपर उटकिर नेमातोव के आत्मघाती गोल से पुर्तगाल को चौथा गोल मिला। इसके बाद 87वें मिनट में राफा लेआओ ने शानदार फिनिश कर जीत पर मुहर लगा दी।
उज़्बेकिस्तान ने कुछ अच्छे मौके बनाए और अज़ीज़जोन गानियेव का एक शानदार लंबी दूरी का गोल भी देखने को मिला, लेकिन फाउल के कारण उसे मान्यता नहीं मिली। लगातार दूसरी हार के बाद विश्व कप में पदार्पण कर रही उज़्बेकिस्तान की राह अब बेहद कठिन हो गई है।

मुख्य बातें :

क्रिस्टियानो रोनाल्डो विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने।
41 वर्ष 138 दिन की उम्र में रोनाल्डो विश्व कप इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज़ गोलस्कोरर बने।
रोनाल्डो ने विश्व कप में अपना 10वां गोल दागकर यूसेबियो का रिकॉर्ड तोड़ा।
पुर्तगाल ने टूर्नामेंट में पहली जीत दर्ज कर ग्रुप-के में अपनी स्थिति मजबूत की।
मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मिला।

किसने क्या कहा :

क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल): ”मैं बहुत खुश हूं, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमारी मेहनत और टीम का आत्मविश्वास है। रिकॉर्ड बनाना हमेशा अच्छा लगता है, मगर मेरा लक्ष्य हमेशा राष्ट्रीय टीम को उसके उद्देश्यों तक पहुंचाने में मदद करना रहता है।”
रोबर्टो मार्टिनेज (पुर्तगाल के मुख्य कोच): ”ड्रेसिंग रूम में हमने जिस प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी, वह आज मैदान पर दिखी। पहले मैच से हमने बहुत कुछ सीखा और आज टीम ने अधिक परिपक्वता के साथ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। परिणाम से मैं बेहद संतुष्ट हूं।”

विश्व कप का 46वां मैच :

घाना की दीवार के आगे बेबस इंग्लैंड, गोलरहित ड्रॉ

स्कोरर :
इंग्लैंड 0-0 घाना (कोई गोल नहीं)

ग्रुप एल में इंग्लैंड और घाना के बीच बोस्टन स्टेडियम में खेला गया मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। घाना की अनुशासित और मजबूत रक्षापंक्ति ने इंग्लैंड के हमलों को लगातार नाकाम करते हुए एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।
पहले हाफ में इंग्लैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, लेकिन उसके खिलाड़ी घाना की सघन रक्षा को भेद नहीं सके। इंग्लैंड की सबसे अच्छी कोशिश डेक्लान राइस के हेडर के रूप में आई, जो क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। दूसरी ओर घाना ने धैर्य बनाए रखा और इंग्लिश हमलों का मजबूती से सामना किया।
दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाया। इलियट एंडरसन का नजदीकी हेडर ब्लॉक कर दिया गया, जबकि एंथनी गॉर्डन और हैरी केन के प्रयासों को गोलकीपर बेंजामिन असारे ने शानदार ढंग से रोक लिया। घाना ने भी जवाबी हमलों में खतरा पैदा किया। मैच के अंतिम दस मिनट में अब्दुल फतावु गोल करने के बेहद करीब पहुंच गए, लेकिन एजरी कॉन्सा और फिर एंटोनी सेमेन्यो के अनजाने अवरोध के कारण घाना बढ़त नहीं ले सका।
87वें मिनट में इंग्लैंड को जीत का सुनहरा मौका मिला। रीस जेम्स के क्रॉस पर निको ओ’राइली का हेडर क्रॉसबार से टकरा गया और रिबाउंड पर हैरी केन का शॉट ऊंचा निकल गया। इसके साथ ही मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
इस परिणाम के बाद इंग्लैंड और घाना दोनों के दो मैचों में चार-चार अंक हो गए हैं। अंतिम ग्रुप मुकाबले में क्रमशः पनामा और क्रोएशिया के खिलाफ एक अंक भी दोनों टीमों को अंतिम 32 में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा।

मुख्य बातें :

घाना ने मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को गोल नहीं करने दिया।
बेंजामिन असारे ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर टीम को अंक दिलाया।
अब्दुल फतावु मैच के सबसे बड़े मौके में गोल करने से चूक गए।
निको ओ’राइली का हेडर क्रॉसबार से टकराया, जबकि हैरी केन ने रिबाउंड पर सुनहरा मौका गंवाया।
दोनों टीमों के अब चार-चार अंक हैं और नॉकआउट चरण की दौड़ में मजबूत स्थिति में हैं।
इंग्लैंड ने पिछले पांच विश्व कप में चौथी बार ग्रुप चरण का कोई मैच 0-0 से ड्रॉ खेला है।

किसने क्या कहा :

“घाना ने शानदार काम किया। उन्होंने बेहद मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया और हमारे लिए मौके बनाना मुश्किल कर दिया।” — जूड बेलिंघम, इंग्लैंड मिडफील्डर एवं मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी।

विश्व कप का 47वां मैच :

मोड्रिच के 200वें मैच में क्रोएशिया
की जीत, पनामा विश्व कप से बाहर

स्कोरर :
क्रोएशिया : आंते बुदिमिर (54वां मिनट)

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एल के मुकाबले में क्रोएशिया ने पनामा को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस परिणाम के साथ पनामा की टीम एक मैच शेष रहते ही विश्व कप से बाहर हो गई, जबकि क्रोएशिया ने नॉकआउट की उम्मीदों को जीवित रखा। मुकाबला टोरंटो स्टेडियम में खेला गया और यह मैच क्रोएशियाई कप्तान लुका मोड्रिच के अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मुकाबला भी था।
पहले हाफ में पनामा ने शानदार खेल दिखाया और कई बार गोल करने के करीब पहुंचा। 23वें मिनट में जोसे लुइस रोड्रिगेज का जोरदार हेडर गोल में जाता दिख रहा था, लेकिन क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को क्रॉसबार से टकरा दिया।
ब्रेक के बाद क्रोएशिया ने मैच पर पकड़ मजबूत की। 54वें मिनट में दाएं फ्लैंक से योसिप स्तानिशिच के शानदार लो-क्रॉस पर स्थानापन्न खिलाड़ी आंते बुदिमिर ने पीछे की पोस्ट पर गेंद को नेट में पहुंचाकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। इसके तीन मिनट बाद मार्को पासालिच के पास बढ़त दोगुनी करने का सुनहरा मौका था, लेकिन पहले पनामा के गोलकीपर ओरलांडो मोस्केरा ने उन्हें रोका और फिर रिबाउंड शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया।
पनामा ने अंत तक बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन लिवाकोविच की शानदार गोलकीपिंग के सामने उसे सफलता नहीं मिली। आखिरकार अंतिम सीटी के साथ क्रोएशिया ने महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल कर लिए और मोड्रिच का 200वां मैच जीत के साथ यादगार बना दिया।

मुख्य बातें :

क्रोएशिया ने पनामा को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में पहली जीत दर्ज की।
पनामा लगातार दूसरी हार के बाद विश्व कप से बाहर हो गया।
आंते बुदिमिर ने मैच का एकमात्र गोल 54वें मिनट में किया।
डोमिनिक लिवाकोविच ने कई शानदार बचाव कर टीम की जीत सुनिश्चित की।
लुका मोड्रिच ने अपने करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।
पनामा के क्रिस्टियन मार्टिनेज को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मोड्रिच ने 2006 से अब तक क्रोएशिया के पिछले 21 विश्व कप मैचों में हिस्सा लिया है।

किसने क्या कहा :

“हमने अच्छा खेल दिखाया और अंत तक लड़ते रहे। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और मुझे उन पर गर्व है। हमने क्रोएशिया का डटकर सामना किया, लेकिन फुटबॉल में कभी-कभी एक मौके का फर्क पड़ जाता है।” — थॉमस क्रिस्टियानसेन, पनामा कोच
“मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने हमें काफी मुश्किल में डाला। हमें इन तीन अंकों की सख्त जरूरत थी और दबाव भी था। सबसे बड़ी खुशी यह है कि हम लुका मोड्रिच का 200वां मैच जीत के साथ मना सके। 40 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।” — ज़्लात्को डालिच, क्रोएशिया कोच

विश्व कप का 48 वां मैच :

डेनियल मुनोज़ के गोल से कोलंबिया अंतिम
32 में, कांगो डीआर को 1-0 से हराया

स्कोरर :
कोलंबिया : डेनियल मुनोज़ (76वां मिनट)

ग्वाडालाजारा स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-के के मुकाबले में कोलंबिया ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (कांगो डीआर) को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की और अंतिम 32 में अपना स्थान पक्का कर लिया। मुकाबले का एकमात्र गोल डेनियल मुनोज़ ने दूसरे हाफ में किया।
मैच की शुरुआत में कांगो के एदो कायेम्बे ने दूर से शॉट लगाकर कोलंबियाई रक्षा की परीक्षा ली, लेकिन इसके बाद पहला हाफ लगभग पूरी तरह कोलंबिया के नाम रहा। कांगो के गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने जॉन अरियास, डेनियल मुनोज़, जेम्स रोड्रिगेज, लुइस डियाज़ और गुस्तावो पुएर्ता के कई शानदार प्रयासों को नाकाम किया। मुनोज़ का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द भी कर दिया गया।
दूसरे हाफ में भी कोलंबिया लगातार दबाव बनाता रहा। लुइस डियाज़ और जॉन अरियास को मौके मिले, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। आखिरकार 76वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी जॉन कॉर्डोबा की बेहतरीन होल्ड-अप प्ले के बाद डेनियल मुनोज़ का शॉट डिफ्लेक्ट होकर गोल में चला गया और यही गोल मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ।
इसके बाद लुइस डियाज़ के दो गोल ऑफसाइड के कारण रद्द हुए, जबकि कांगो ने अंतिम मिनटों में बराबरी की भरपूर कोशिश की। हालांकि कोलंबिया की रक्षा पंक्ति ने बढ़त बरकरार रखी और टीम ने छह अंकों के साथ नॉकआउट चरण में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया।

मुख्य बातें :

कोलंबिया ने लगातार दूसरी जीत के साथ अंतिम 32 में जगह बनाई।
डेनियल मुनोज़ ने लगातार दूसरे विश्व कप मैच में गोल किया।
गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने कई शानदार बचाव किए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके।
लुइस डियाज़ के दो गोल ऑफसाइड के कारण रद्द हुए।
कोलंबिया के छह अंक हो गए हैं और वह ग्रुप-के में शीर्ष दो में अपनी जगह सुनिश्चित कर चुका है।
डेनियल मुनोज़ को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
कांगो अभी भी अंतिम मैच में उज्बेकिस्तान को हराकर अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद बनाए हुए है।

किसने क्या कहा :

नेस्टर लोरेन्जो (कोलंबिया के मुख्य कोच): ”मैं टीम के प्रयास के लिए सभी खिलाड़ियों का धन्यवाद करता हूं। हम हमेशा पहल करने वाली टीम रहे हैं और अपनी शैली से कभी समझौता नहीं करते। समर्थकों का भी धन्यवाद, जिन्होंने हमारा साथ दिया।”
डेनियल मुनोज़ (कोलंबिया के गोलस्कोरर): ”हमने आक्रामकता और तीव्रता के साथ खेला। यह उपलब्धि पूरी टीम की है। यह जीत हमारा आत्मविश्वास बढ़ाएगी, लेकिन हम यहीं रुकना नहीं चाहते।”


सेबास्टियन देसाब्रे (कांगो डीआर के मुख्य कोच): ”यह हमारे लिए कठिन मुकाबला था। कोलंबिया बेहतर टीम साबित हुई। अब हमें जल्दी से उबरकर उज्बेकिस्तान के खिलाफ अगले मैच की तैयारी करनी होगी, क्योंकि केवल ड्रॉ हमारे लिए पर्याप्त नहीं होगा।”

Reported by – Md isha uddin

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