प्रो लीग हॉकी के दूसरे चरण में भारतीय पुरुष खिलाड़ी 14 जून से अपनी भागीदारी निभाएगी। भले ही इस लीग में भारत की टीम काफी पीछे है और अब उसके वापसी के आसार ना के बराबर हैं , लेकिन इस दौरान बचे हुए आठ मैचों में भारटीय हॉकी टीम कुछ हासिल करने की कोशिश करेगी l
सबसे पहले तो मनप्रीत सिंह के पास भारत की ओर से सबसे ज्यादा मैचों का रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा। फिलहाल यह रिकॉर्ड दिलीप तिर्की के नाम है जो इस समय हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट भी हैं। उन्होंने भारत के लिए 412 मैच खेले हैं। जबकि पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह 411 मैच और 45 गोल के साथ ऑल टाइम रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं। हहालांकि यह रिकॉर्ड वह भारत में खेले गए पहले चरण के मैचों के दौरान ही अपने नाम कर सकते थे लेकिन तब उन्हें चोट का हवाला देते हुए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। अब वह भारतीय टीम में हैं और देखना यह है कि आठ में से किन मैचों के खेलने के बाद वह अपना रिकॉर्ड बना पाते हैं।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम को रविवार की शाम 7: 30 बजे नीदरलैंड के खिलाफ खेलना है। इसके बाद 17 जून को भारत का मुकाबला जर्मनी से, 18 जून को फिर जर्मनी से और 21 जून को नीदरलैंड से होगा। ये सभी मैच रोटरडम में खेले जाएंगे।
प्रो हॉकी लीग में भारत की टीम इस समय आठवें स्थान पर है और उसके बाद आखिरी स्थान पर पाकिस्तान की टीम है। अब तक खेले गए आठ मैचों में भारत ने सिर्फ एक मुकाबला जीता है वह भी पेनल्टी शूटआउट के जरिए। दूसरी और पाकिस्तान नौ मैचों में से एक भी मैच नहीं जीत सका है।
प्री लीग के इस चरण में भारत का अगला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ होना है जो 23 जून को खेल जाएगा। लंदन में बचे हुए चारों मैच होंगे। 25 जून को इंग्लैंड के खिलाफ और फिर 26 जून को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला होगा। आखिरी लीग मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ 28 जून को होगा और इसी दिन इस सीजन की प्रतियोगिता समाप्त हो जाएगी। विजेता टीम को अगले ओलंपिक में क्वालीफाई करने का मौका मिलेगा।
दूसरी ओर भारत की महिला टीम 150 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सलीम टेटे के नेतृत्व में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में 15 जून से होने वाले नेशंस कप में खेलने लिए के उतरेगी। इसमें उन्हीं टीमों को खेलने का मौका मिलता है जो प्रो लीग से रेलीगेट होकर आती है या उनकी रैंकिंग बाकी टीमों के मुकाबले कम होती है। इसमें चैंपियन होने वाली टीम को अगले सीजन के प्रो लीग मुकाबले में खेलने का मौका मिलेगा। इसलिए भारतीय टीम के लिए इस बार का नेशंस कप काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम अगर चैंपियन होती है तो अगले सीजन में फिर से महिला टीम को प्रो लीग में खेलने का मौका मिल जाएगा।
इसमें आठ टीमें भाग ले रही हैं और इसके ग्रुप ए में भारत के अलावा जापान, अमेरिका और उरुग्वे की टीम भी है। जबकि ग्रुप बी में चिली, फ्रांस, कोरिया और मेजबान न्यूजीलैंड है। भारतीय टीम ग्रुप मुकाबले में 15 जून को अमेरिका के खिलाफ खेलेगी। 16 जून को भारत और जापान के बीच मुकाबला होगा जबकि 18 जून को उरुग्वे के साथ मैच होगा। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेला जाएगा।
भारतीय टीम में सबसे ज्यादा मैच खेलने का श्रेय गोलकीपर सविता को है जिन्होंने 380 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।हालांकि शानदार स्ट्राइकर दीपिका के नाम सिर्फ 64 मैच है लेकिन उनके ऊपर काफी कुछ जिम्मेदारी होगी। इस टूर्नामेंट के दौरान तीन खिलाड़ियों को अपना माइलस्टोन कायम करने का मौका मिल सकता है। नेहा जहां 200 मैच मैच पूरा करेंगी वही ज्योति 100वाँ मैच खेलने की हकदार हो जाएंगी। इसी तरह सुनेलीता टोप्पो भी अपना 50वाँ मैच पूरा कर लेंगी।
अलग-अलग मिशन पर निकली दोनों भारतीय हॉकी टीमें इन दोनों टूर्नामेंट के जरिए अपनी मजबूती को आंकने की कोशिश करेंगी, क्योंकि इसके बाद इस टीम को वर्ल्ड कप के अलावा एशियाई खेलों में भी हिस्सा लेना है। दोनों ही प्रतियोगिता अपने आप में महत्वपूर्ण है इसलिए सभी खिलाड़ियों को अपना बेस्ट देकर वर्ल्ड कप और एशियाई गेम्स की टीम में शामिल होने की कोशिश करने की जरूरत है।
