थाई कोच क्लाउडिया टप्पारेली ने कहा- भारत में आर्टिस्टिक स्विमिंग का आयोजन इस खेल में युवाओं को आकर्षित कर सकता है

-अहमदाबाद में जारी 11वीं एशियाई एक्वाटिक्स चैंपियनशिप 2025 में आर्टिस्टिक स्विमिंग और वॉटर पोलो ने खींची दर्शकों की भीड़-

अहमदाबाद, 7 अक्टूबर 2025: पिछले आठ वर्षों से थाईलैंड ने अपनी आर्टिस्टिक स्विमिंग प्रोग्राम की बागडोर इटालियन भाई-बहन क्लाउडिया टप्पारेली (मुख्य कोच) और मास्सिमो टप्पारेली (सहायक कोच) के हाथों में सौंपी हुई है। अहमदाबाद के नए बने वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही 11वीं एशियाई एक्वाटिक्स चैंपियनशिप 2025 में यह जोड़ी अपनी टीम के लिए जोश से भरे सपोर्ट के लिए मशहूर हो चुकी है।

दिलचस्प बात यह है कि उनकी उत्साह से भरी ऊर्जा का जवाब बड़ी संख्या में पहली बार आर्टिस्टिक स्विमिंग को लाइव देख रहे भारतीय दर्शकों ने भी पूरे जोश से दिया। जोशीले संगीत, रंगीन रूटीन और खिलाड़ियों की अद्भुत कलात्मकता से प्रभावित होक स्थानीय दर्शकों ने प्रतियोगिता स्थल के माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

क्लाउडिया टप्पारेली ने कहा, “हम भारत का धन्यवाद करना चाहते हैं कि उन्होंने एशियाई एक्वाटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी की। एशिया में ऐसी प्रतियोगिताएं ढूंढ़ना आसान नहीं है, जहां खिलाड़ी वास्तव में दूसरे देशों के खिलाफ अपनी क्षमता परख सकें। यह भी एक बड़ा लाभ है कि क्षेत्र के देशों के लिए ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेना आसान और सस्ता होता है, जिससे खिलाड़ियों को बहुमूल्य अनुभव मिलता है। हमें दर्शकों से जबरदस्त समर्थन मिला है, और यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि बच्चे भी स्टैंड्स में संगीत पर नाचते हुए आनंद ले रहे हैं। भले ही इस बार भारत केवल आर्टिस्टिक स्विमिंग की मेजबानी कर रहा है, लेकिन यह परफार्मेंस निश्चित रूप से युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित कर सकता है।”

पानी के खेलों में सबसे आकर्षक विधाओं में से एक मानी जाने वाली आर्टिस्टिक स्विमिंग, अत्यधिक ताकत, नियंत्रण और तालमेल की मांग करती है। डाइविंग की तरह, खिलाड़ियों को पहले से अपने मूवमेंट बताने करने होते हैं और फिर उन्हें निष्पादन, तालमेल, कलात्मक प्रभाव और कठिनाई के आधार पर अंक दिए जाते हैं।

थाई आर्टिस्टिक स्विमिंग की यात्रा पर विचार करते हुए क्लाउडिया ने कहा, “इटली में आर्टिस्टिक स्विमिंग काफी लोकप्रिय है। लगभग हर शहर में दो या तीन क्लब हैं, यानी देशभर में करीब 300 क्लब। लेकिन थाईलैंड में सिर्फ दो क्लब हैं। हमारे अधिकांश राष्ट्रीय खिलाड़ी हमने खुद तैयार किए हैं। कुछ को हमने स्विमिंग या वॉटर पोलो से खोजा और फिर उन्हें इस स्तर तक प्रशिक्षित किया।”

अहमदाबाद में थाई टीम ने पहले ही शानदार प्रदर्शन किया है। कांतिनन अडिसाइसीरिबुत्र और पोंगपिंपॉर्न पोंगसुवान ने रविवार को मिक्स्ड डुएट टेक्निकल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता, जबकि अडिसाइसीरिबुत्र ने सुपिचाया सॉन्गपन के साथ जोड़ी बनाकर अगले दिन मिक्स्ड डुएट फ्री में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। थाई टीम ने टीम टेक्निकल और टीम फ्री दोनों श्रेणियों में रजत पदक भी जीते, जो उनके हाल के वर्षों का सबसे सफल अभियान रहा है।

इस पर क्लाउडिया ने मुस्कुराते हुए कहा,“पिछले वर्ल्ड कप (मिस्र) में हमने मिक्स्ड डुएट में इटली को हराया था, जो हमारे लिए गर्व का क्षण था। जब हमने शुरुआत की थी, तब हमारे पास सिर्फ चार खिलाड़ी थे। अब पूरे देश में लगभग 50 से 60 खिलाड़ी हैं। कोविड एक बड़ा झटका था क्योंकि लंबे समय तक पूल बंद रहे, और हमने संभावित खिलाड़ियों की पूरी पीढ़ी खो दी। लेकिन इसके बाद जो वृद्धि हुई है, वह उत्साहजनक है, और हम यहां के परफार्मेंस से बहुत खुश हैं।”

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